Friday, July 19, 2024
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तेजस्वी यादव के PS ने सिकंदर यदुवंशी के लिए बुक करवाया कमरा: NEET पेपर लीक में बिहार के डिप्टी CM का खुलासा, अमित आनंद ने ₹30-32 लाख में डील कबूला

नीट पेपर लीक घोटाले के अभियुक्तों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने प्रत्येक अभ्यर्थी से 30-40 लाख रुपए की डील की थी।

नीट-यूजी पेपर लीक कांड से बिहार की राजनीति में भूचाल आ चुका है। इस पेपर लीक कांड का सरगना जिस सिकंदर यादवेंदु को बताया जा रहा है, वो बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्‍वी यादव के पीएस प्रीतम कुमार का करीबी है। बिहार के डिप्‍टी सीएम विजय सिन्‍हा ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके खुद इस बात का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि तेजस्वी यादव के पीएस प्रीतम कुमार ने ही सिकंदर के नाम से कमरे की बुकिंग के लिए बार-बार कॉल किए थे। उसी ने मंत्री जी के नाम से बुकिंग कराई थी। तेजस्वी यादव पहले मंत्री रहे हैं, इसलिए अनुराग नाम के अभ्यर्थी के लिए जो कमरा बुक किया गया था, उसकी बुकिंग के आगे ब्रेकट में (मंत्री जी) लिखा है। इस बीच, नीट पेपर लीक घोटाले के अभियुक्तों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने प्रत्येक अभ्यर्थी से 30-40 लाख रुपए की डील की थी।

बिहार के डिप्टी सीएम ने सिलसिलेवार तरीके से बताई कमरे की बुकिंग की कहानी

उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गेस्ट हाउस की बुकिंग के लिए तेजस्वी यादव के पीएस प्रीतम कुमार और पथ निर्माण विभाग के पदाधिकारी प्रदीप कुमार के बीच बातचीत का रिकॉर्ड भी सामने रखा। उन्होंने मीडिया कर्मियों से कहा, “1 मई को तेजस्वी यादव के निजी सचिव प्रीतम कुमार के मोबाइल नंबर 7488061813 से रात्रि 9 बजकर 7 मिनट में पथ निर्माण विभाग में कार्यरत प्रदीप कुमार के मोबाइल नंबर 9430469924 पर NHAI गेस्ट हाउस में सिकंदर कुमार यादवेंदु के लिए कमरे की बुकिंग कराने के लिए फोन आया था। उस दिन प्रदीप कुमार इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया।”

उन्होंने आगे कहा, “फिर 4 मई सुबह 8.49 मिनट में प्रीतम कुमार के मोबाइल नंबर 7488061813 से प्रदीप कुमार के मोबाइल पर कॉल कर सिकंदर कुमार यादवेंदु के लिए कमरे की बुकिंग के लिए स्मारित किया गया। इस बार पथ निर्माण विभाग में कार्यरत प्रदीप कुमार द्वारा NHAI के गेस्ट हाउस में सिकंदर कुमार के नाम से बुकिंग के लिए पदास्थापित कनीय अभियंता को वॉट्सऐप पर मैसेज भेज दिया। प्रीतम कुमार पहले यहीं पर पीएस थे, जब विभाग के मंत्री थे तेजस्वी यादव, इसीलिए मंत्री शब्द का उपयोग करवा लिए। दोनों अधिकारियों ने ये बात लिखकर दी है।” उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कमरे के आबंटन के लिए कोई लेटर नहीं मिला है। ये बुकिंग फोन पर हुई, जिसकी जानकारी दी जा चुकी है।

नीट-यूजी पेपर लीक काँड में गिरफ्तार अनुराग यादव ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसके साथ कुछ और गिरफ्तार अभ्यर्थियों ने भी अपना गुनाह कबूला है। अनुराग यादव ने बताया है कि उसे उसके फूफा सिंकदर यादवेंदु ने कोटा से बुलाया था और कहा था कि ‘पूरी सेटिंग हो गई है।’

अमित आनंद ने लीक कराया पेपर, सिकंदर लाया अभ्यर्थी

वहीं, नीट घोटाले में शामिल सिकंदर के सहयोगी ने अमित आनंद ने भी अपना गुनाह कबूल कर दिया है। उसने कबूलनामे में कहा कि नीट परीक्षा से एक दिन पहले पेपर लीक हो गया था। परीक्षा से एक दिन पहले अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र रटाए गए थे और प्रश्न पत्र के बदले अभ्यर्थियों से 30-32 लाख रुपये लिए गए थे। उसने यह बात भी कबूली है कि वह पहले भी पेपर लीक कराता रहा है। पेपर लीक का मास्टरमाइंड अमित मुंगेर जिले का रहने वाला है। हालाँकि, वह वर्तमान में पटना के एजी कॉलोनी के एक किराए के फ्लैट में रह रहा था। इस कबूलनामे में उसने बताया है कि किस तरह से उसकी मुलाकात उन छात्रों से हुई, जिन्हें आंसर रटवाए गए थे।

ऐसे कराई गई अभ्यर्थियों को तैयारी

अमित ने अपने बयान में कहा, “मेरी दोस्ती सिकंदर से हुई थी, जो दानापुर नगर निगम कार्यालय में जूनियर इंजीनियर है। मैं अपने एक निजी काम से उससे मिलने गया था। मेरे साथ नीतीश कुमार भी था। बातचीत के सिलसिले में मैंने सिकंदर से कहा था कि मैं किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक कराकर अभ्यर्थियों को पास कराता हूँ। सिकंदर ने इसपर मुझसे कहा कि मेरे पास 4-5 अभ्यर्थी हैं, जो नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें पास करवा दीजिए। बच्चों को पास करने के बदले में मैंने बताया कि 30-32 लाख रुपए लगेंगे। इस पर सिकंदर तैयार हो गया और कहा कि वह 4 अभ्यार्थी की हमें देगा। इसी बीच नीट परीक्षा की तारीख आ गई। सिकंदर ने पूछा लड़कों को कब लाना है। मैंने कहा कि पाँच मई को परीक्षा है। चार मई की रात को अभ्यर्थियों को लेकर आना। चार मई की रात में नीट परीक्षा का क्वेश्चन पेपर लीक करवाकर सभी अभ्यर्थियों को उत्तर के साथ पढ़ाया-रटवाया जा रहा था।”

पुलिस को दिए कबूलनामे में मास्टरमाइंड अमित आनंद ने बताया, “सिकंदर को पुलिस ने पकड़ लिया और फिर उसकी निशानदेही पर हम लोग भी पकड़ गए। हमारे किराए वाले फ्लैट से पुलिस को नीट समेत अलग-अलग एग्जाम का एडमिट कार्ड, नीट का प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका का जला हुआ अवशेष बरामद हुआ है। पुलिस ने इसे जब्त कर लिया है। मैंने पहले भी पेपर लीक करवाए हैं। मैं अपने अपराध को कबूल करता हूँ।”

ता दें कि अब तक इस मामले में अब तक 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिसमें 4 अभ्यर्थी भी हैं। इस मामले में सिकंदर की संलिप्तता के बाद बिहार में राजनीतिक भूचाल भी आ गया है। बिहार के उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आरोप लगाया है कि सिकंदर तेजस्वी यादव का करीबी है। इस मामले में तेजस्वी यादव के पीएस की भी अहम भूमिका है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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