उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इसमें सांप्रदायिक दंगों के खिलाफ सतर्क रहने की सलाह दी गई है। साथ ही हिंसा को रोकने के लिए पुलिस से मॉक ड्रिल चलाने का निर्देश भी जारी किया गया है।
भारत के प्रत्येक निवासी को NPR में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य देश में रहने वाले हर सामान्य निवासी की पहचान का व्यापक डाटाबेस तैयार करना है। इस डाटाबेस में जनसांख्यिकी के साथ-साथ बायोमेट्रिक जानकारियाँ भी होंगी।
अफ़गानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म को मानने वाले अल्पसंख्यक समुदाय को 12 साल के बजाय छह साल भारत में गुजारने पर और बिना उचित दस्तावेज़ों के भी भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी।
केंद्र ने उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सुरेश राणा, एलपीजे सासंद चिराग पासवान, पूर्व सांसद पप्पू यादव की सुरक्षा में भी कटौती की गई है। गृह मंत्रालय द्वारा बडे़ नेताओं की सुरक्षा में की गई कटौती में सियासत तेज़ होने की संभावना है।
10 जुलाई को सभी सचिवों को भेजे गए पत्र में कैबिनेट सचिव प्रदीप सिन्हा ने कहा है, "सचिवों के क्षेत्रीय समूह की सिफारिशों के आधार और मंत्रियों के समूह द्वारा इन पर विचार करने के बाद सरकार के 100 दिवसीय कार्यक्रम के रूप में 167 ट्रांसफॉर्मिंग आइडियाज को लागू करने का निर्णय लिया गया है।"
"कैबिनेट ने बच्चों के प्रति अपराधों की गंभीरता को देखते हुए इससे निपटने के लिए पॉक्सो कानून में संशोधनों को मंजूरी दी है।" सरकार का मानना है कि इन संशोधनों से बाल उत्पीड़न पर अंकुश लगेगा, क्योंकि कानून में शामिल किए जाने वाले दंडात्मक प्रावधान निवारक का काम करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुताबिक आज लोगों के जीवन में नई आकांक्षाएँ और अपेक्षाएँ हैं और यह बजट देश को विश्वास दे रहा है कि इन्हें पूरा किया जा रहा है।
जीरो फार्मिंग खेती पूर्ण रूप से प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर होती है।
इस खेती में किसान सिर्फ़ प्राकृतिक खेती के लिए उनके द्वारा बनाई गई खाघ और अन्य चीजों का प्रयोग करते हैं, जिससे उन्हें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों को इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ती।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश के कुछ प्रदेशों जैसे- आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र, राजस्थान और त्रिपुरा में यह कार्यक्रम इंटीग्रेटड मैनेजमेंट आफ पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (IMPDS) के नाम से जाना जाता है।
इनमें से कई हिंदू एक दशक से अधिक समय से भारत में रह रहे हैं। इनमें बाड़मेर के 19, पाली के 10 और राजस्थान के जालोर ज़िले के 5 लोग शामिल हैं। पाकिस्तान से आए प्रवासी हिंदुओं को भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए एक व्यापक और लंबी प्रक्रिया से गुज़रना पड़ता है।