अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में चिंता जताई थी कि इस नहर के नियंत्रण पर चीन का बढ़ता दखल अमेरिकी हितों के लिए आने वाले समय में खतरा बन सकता है।
चीन राफेल लड़ाकू विमानों के खिलाफ दुनिया भर में दुष्प्रचार कर रहा है, वहीं भारत में भी कॉन्ग्रेस पार्टी और वामपंथी मीडिया पहले ही इंडो-फ्रेंच राफेल सौदे को बदनाम करने की कोशिश कर चुके हैं।