'मौत का सौदागर' से लेकर 'दिल्ली में मोदी की माँ-बहन हो जाएगी' तक कॉन्ग्रेस के संस्कार में रत्ती भर फर्क नहीं आया है। ये ढीठ ऐसे हैं कि जाकिर कह रहा कि उसने मजाक में देश तोड़ने की बात कही थी।
डॉ.राय ने अगस्त 2019 में बाबा रामदेव के सहयोगी को कांफीडेंशियल मेडिकल रिपोर्ट प्रकाशित कर गलत तरीके से फँसाने की थी। उन्होंने रामदेव के सहयोगी आचार्य बालगोविंद की झूठी रिपोर्ट को प्रकाशित किया था।
"सब ठीक हो जाएगा। बस लेह का आधा हिस्सा चाइना लेना चाहिए। फिर पता है क्या होगा... दिल्ली में मोदी की माँ-बहन हो जाएगी...। लद्दाख यूटी के फिर हजार टुकड़े हो जाएँगे।"
वह असंतोष न चीन के कम्युनिस्टों के हक में होगा और न भारत के वामपंथियों और उनके पोषक कॉन्ग्रेस के। इसलिए, नानजिंग के प्रेसिडेंशियल पैलेस और जनपथ की बेचैनियाँ आज एक सी दिख रहीं।