आईएनएक्स मीडिया केस में चिदंबरम को सीबीआई ने 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था। उन पर वित्त मंत्री रहते आईएनएक्स मीडिया ग्रुप को 2007 में 305 करोड़ रुपये का विदेशी धन हासिल करने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितता बरततने का आरोप है।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि 100 फीसदी पटवारी रिश्वत लेते हैं। उन्होंने कलेक्टर से इन पर लगाम लगाने के लिए कहा और साथ ही शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई लापरवाही सामने आई तो कड़ी कार्रवाई होगी।
महाराष्ट्र के पूर्व उप-मुख़्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने अंतःकरण की आवाज़ सुन कर इस्तीफा दिया है क्योंकि उनके चाचा शरद पवार का नाम इस घोटाले में घसीटा जा रहा है। 25,000 करोड़ रुपए के घोटाले में ईडी ने शरद और अजित के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
बताया जाता है कि शरद पवार बेटी सुप्रिया सुले को अपने उत्तराधिकारी के तौर पर स्थापित करना चाहते हैं। सालों से पार्टी में निर्णायक भूमिका में रहे भतीजे अजित ने उन्हें बताए बिना विधायकी छोड़ दी है। एनसीपी नेताओं के अनुसार जिस तरीके से पार्टी चलाई जा रही है उससे अजित नाखुश हैं।
ईडी ने न्यायाधीश चंद्रशेखर के सामने कहा कि कॉन्ग्रेस प्रमुख सोनिया गाँधी के दामाद वाड्रा अपने खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जाँच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
“हमें बाद में जानकारी मिली कि मेहुल चोकसी एक धोखेबाज है, वह हमारे देश की बेहतरी के लिए कतई उपयोगी नहीं है। उसकी अपील समाप्त होने के तुरंत बाद उसे निर्वासित कर दिया जाएगा, भारतीय अधिकारी जाँच करने के लिए स्वतंत्र हैं।”
28 मार्च 2019 को जारी इस नोटिस से पता चलता है कि 14 संदिग्ध कंपनियों और खातों में से एक का लाभार्थी आयकर विभाग अंबानी परिवार के सदस्यों को मानता है। हालाँकि कंपनी के प्रवक्ता ने आरोपों को खारिज करते हुए नोटिस मिलने से इनकार किया है।
वकील रहे पी चिदंबरम का यह मामला भारतीय कानून के इतिहास में संभवत चुनिंदा मामलों में से एक होगा, जहाँ खुद आरोपित ही न्यायिक हिरासत के बजाय संस्थागत हिरासत (CBI/ED) में जाना चाहते हैं। जानकारों की मानें तो तिहाड़ जेल में चिदंबरम को वो सुख-सुविधाएँ नहीं मिल पा रही हैं, जो...
एमएससीबी को 2007 और 2011 के बीच 1000 एक हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इसको लेकर सामाजिक कायर्कर्ता सुरेंद्र अरोड़ा ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा था कि मामले में आरोपियों के खिलाफ ‘ठोस साक्ष्य’ हैं।
जलगाँव के पूर्व नगर आयुक्त प्रवीण गेडाम ने फरवरी 2006 में इस संबंध में शिकायत दर्ज की थी। जलगाँव के बाहरी इलाके में बनाए जाने वाले 5,000 घरों में से केवल 1,500 घरों का ही निर्माण पूरा हो पाया था। फैसला सुनाने के बाद सभी आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया।