Tuesday, April 16, 2024
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धोखेबाज है मेहुल चोकसी, पूछताछ के लिए भारत स्वतंत्र: घोटाला के बाद जहाँ भागा, वहीं के PM ने ‘लतियाया’

"मेहुल चोकसी की वजह से मेरे देश में सिटिजनशिप बाय इनवेस्टमेंट प्रोग्राम को नुकसान पहुँचा है। अदालती सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद हम उसे भारत को जरूर प्रत्यर्पित करेंगे।"

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में आरोपित मेहुल चोकसी को लेकर एंटिगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने बड़ा बयान दिया है। गैस्टन ब्राउन ने मेहुल चोकसी को धोखेबाज करार देते हुए कहा है कि भारतीय जाँच एजेंसियाँ एंटीगुआ आकर मेहुल चोकसी से पूछताछ करने के लिए स्वतंत्र हैं।  

संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में भाग लेने अमेरिका के न्यू यॉर्क पहुँचे गैस्टन ने कहा कि उन्हें चोकसी की करतूतों के बारे में पर्याप्त जानकारी मिली है। एंटिगुआ के प्रधानमंत्री ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “हमें बाद में जानकारी मिली कि मेहुल चोकसी एक धोखेबाज है, वह हमारे देश की बेहतरी के लिए कतई उपयोगी नहीं है। उसकी अपील समाप्त होने के तुरंत बाद उसे निर्वासित कर दिया जाएगा, भारतीय अधिकारी जाँच करने के लिए स्वतंत्र हैं।”

बता दें कि मेहुल चोकसी ने एंटीगुआ के सिटिजनशिप बाय इनवेस्टमेंट प्रोग्राम का इस्तेमाल करते हुए एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी। पीएम ब्राउन ने ये भी बताया कि मेहुल चोकसी की वजह से कैसे उनके सिटिजनशिप बाय इनवेस्टमेंट प्रोग्राम को नुकसान पहुँचा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी उनकी सरकार कुछ नहीं कर सकती है, क्योंकि मामला अदालत में चल रहा है। उन्होंने कहा, “एंटिगुआ में एक स्वतंत्र न्यायिक व्यवस्था है और मामला अदालत में चल रहा है, इसलिए हमारे पास कोई अधिकार नहीं है। हालाँकि सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद हम उसे भारत को जरूर प्रत्यर्पित करेंगे।”

गौरतलब है कि मेहुल चोकसी और उसके भांजे नीरव मोदी ने फर्जी लेटर ऑफ अंडस्टैंडिंग्स के जरिए पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई स्थित बार्डी हाउस शाखा से करीब 14 हजार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। इस घोटाले का पर्दाफाश होने के तुरंत बाद मामा-भांजा देश छोड़कर भाग निकले। इसी दौरान चोकसी ने एंटिगुआ और बरबूडा की नागरिकता ले ली। इसी साल जून में उसने बॉम्बे हाई कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा था कि वह एंटीगुआ में है और घोटाले से संबंधित जाँच में सहयोग करना चाहता है। हाल ही में गैस्टन ब्राउन ने मेहुल चोकसी की नागरिकता को रद्द करने का ऐलान किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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