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A फॉर अर्जुन, B फॉर बलराम… बच्चों को ऐसे शिक्षा दे रहा है 125 साल पुराना ये स्कूल, अंग्रेजी के साथ-साथ भारतीय संस्कृति का भी ज्ञान

स्कूल नगर निगम द्वारा संचालित है और 1897 में स्थापित इस स्कूल के प्रधानाचार्य का कहना है कि यह किताब PDF फॉरमेट भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी वर्णमाला की तरह ही हिंदी वर्णमाला के लिए भी ऐसे प्रारूप तैयार करने की कोशिश की जा रही है। हिंदी में अधिक अक्षर हैं, इसलिए इसकी प्रक्रिया में अधिक समय लग रहा है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक स्कूल ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए बच्चों के पाठ्यक्रमों में बदलाव किया है। उस स्कूल में बच्चों को A फॉर एप्पल और B फॉर बॉय की जगह A फॉर अर्जुन और B से बलराम पढ़ाया जा रहा है। स्कूल के प्रधानाचार्य का कहना है कि इस पद्धति से बच्चों को पौराणिक और ऐतिहासिक ज्ञान मिलेगा।

सोशल मीडिया पर इस किताब की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इसके साथ ही यूजर स्कूल और प्रधानाचार्य के इस पहल की तारीफ कर रहे हैं। वायरल हो रही किताब में A से लेकर Z तक के शब्दों के मतलब भारतीय पौराणिक इतिहास के संदर्भ में बताया जा रहा है।

लखनऊ के जिस स्कूल ने यह पहल की है, उसका नाम अमीनाबाद इंटर कॉलेज है। लगभग 125 साल पुराना यह स्कूल अमीनाबाद में स्थित है। किताब में  ABCD का अर्थ चित्र के साथ वर्णन किया गया है। बच्चों को पढ़ाया जा रहा है- A फॉर अर्जुन इज अ ग्रेट वॉरियर। ऐसे ही B फॉर का मतलब बलराम इज ब्रदर ऑफ कृष्णा बताया जा रहा है।

स्कूल के प्रधानचार्य साहेब लाल मिश्रा का कहना है कि बच्चों को आजकल भारतीय संस्कृति के बारे में कम जानकारी है। उनके ज्ञान को बढ़ाने के लिए यह पहल की गई है। इससे छात्रों को भारतीय संस्कृति के बारे में जानकारी मिलेगी।

स्कूल नगर निगम द्वारा संचालित है और 1897 में स्थापित इस स्कूल के प्रधानाचार्य का कहना है कि यह किताब PDF फॉरमेट भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी वर्णमाला की तरह ही हिंदी वर्णमाला के लिए भी ऐसे प्रारूप तैयार करने की कोशिश की जा रही है। हिंदी में अधिक अक्षर हैं, इसलिए इसकी प्रक्रिया में अधिक समय लग रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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