दशहरे के शुभ अवसर पर इस बार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारतीय मूल्यों को बरकरार रखते हुए पेरिस में शस्त्र पूजन करेंगे। 8 अक्टूबर को वह पेरिस में पहले राफेल फाइटर जेट को प्राप्त करके शस्त्र पूजन करेंगे और फिर उसी दिन वे उसमें उड़ान भी भरेंगे।
पुलिस उपायुक्त चेतन सिंह राठौर ने कहा, "हमने दोनों पक्षों से ज़मीन के मालिकाना हक़ से संबंधित दस्तावेज़ प्रस्तुत करने को कहा है। दस्तावेज़ बताते हैं कि वर्ष 1860 के दौरान ब्रिटिश शासन में इस सार्वजनिक संपत्ति के मालिक मैसूरु के वोडेयार शासक थे।"
राजनाथ सिंह के इस बयान को मौजूदा हालात में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही इसे पाकिस्तान को परोक्ष रूप से संकेत की तरह भी देखा जा रहा है कि परमाणु हथियारों की रट वह छोड़ दे।
रेड्डी ने बताया कि कलाम ने उन्हें दोबारा उपयोग में लाई जाने वाली मिसाइलों पर काम का सुझाव दिया था। एक ऐसी मिसाइल जो पेलोड ले जा सके, फिर वापस आ जाए और दूसरा पेलोड ले जाए।
सेना के साथ-साथ सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण का कार्य रक्षा मंत्री की प्राथमिकता होनी चाहिए। क्योंकि भाजपा को जो स्पष्ट जनादेश मिला है, वो राष्ट्रवाद एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दे पर मिला है।
इससे पहले तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने भी सियाचिन का दौरा किया था। उन्होंने वहाँ तैनात जवानों संग दशहरा का पर्व मनाया था। उनसे पहले जुलाई 2018 में तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने सियाचिन का दौरा किया था।
अपनी आपातकालीन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सेना ने इस्राएल से 250 स्पाईक मिसाईल खरीदने का प्रस्ताव भी रखा है जिनका प्रयोग दुश्मन के टैंक के ख़िलाफ़ किया जा सकता है।
बीते वित्त वर्ष में एचएएल ने 11 सुखोई-30MKI और 7 तेजस फाइटर्स का निर्माण किया। उन्होंने 5 डोर्नियर-228 एयरक्राफ्ट्स, तीन चीता (लाइट) हैलीकॉप्टर और 15 ध्रुव (एडवांस लाइट) हैलीकॉप्टर्स का निर्माण किया। कुल मिलकर उन्होंने 41 एयरक्राफ्ट्स का निर्माण किया।
मोदी सरकार द्वारा महिला सामर्थ्य पर दिखाया गया अटल विश्वास उस समय दिखा जब देश के 66 वें गणतंत्र दिवस के मौक़े पर तीनों सेनाओं के एक विशेष महिला दस्ते ने मार्च करते हुए अंतराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया।
रक्षा मंत्री रहते हुए मनोहर पर्रिकर ने यह सुनिश्चित किया कि रक्षा उत्पादन में भारतीय कंपनियों के हित सुरक्षित रहें। ऐसी नीतियाँ बनाई गईं जिससे भारतीय इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिले। मध्यम और छोटे उद्यमियों (MSME) को कैपिटल दिया गया जो पहले बड़ी इंडस्ट्री पर निर्भर थे।