Homeराजनीति323053 करोड़ रुपए रक्षा बजट के लिए, डिफेंस पेंशन के लिए 1.37 लाख करोड़...

323053 करोड़ रुपए रक्षा बजट के लिए, डिफेंस पेंशन के लिए 1.37 लाख करोड़ रुपए अलग से

पिछले वर्ष जारी अंतरिम बजट में भारतीय सेना के लिए 35,000 करोड़ रुपए देकर वन रेंक वन पेंशन को लागू किया था। इस बार पहले से ही उम्मीद थी कि सरकार पहली बार में ही 3 लाख करोड़ के आस-पास रक्षा का बजट पेश करेगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार (फरवरी 01, 2020) को अपना दूसरा और मोदी सरकार 2.0 का पहला बजट पेश किया। उन्होंने अपने शुरुआती भाषण में ही जिक्र किया कि देश का सुरक्षा मुद्दा हमारी सरकार के लिए सबसे जरूरी है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह स्वाभाविक सी बात है कि किसी भी देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा होती है और देश की रक्षा में ही हम सब की सुरक्षा है।

2020-21 के लिए रक्षा बजट में 3,23,053 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। पिछले बजट 2019-20 में रक्षा क्षेत्र के लिए 3.18 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। इस प्रकार इस वर्ष के बजट में पिछले की तुलना में लगभग 1.5% की बढ़ोतरी की गई है। रक्षा पेंशन के बजट को गत बजट के 1.17 लाख करोड़ से बढ़ाकर 1.37 लाख करोड़ किया गया है। ज्ञात हो कि इस बजट में रक्षा पेंशन बजट में की गई बढ़ोत्तरी रक्षा राजस्व व्यय और रक्षा सेवाओं पर पूँजी परिव्यय से अधिक है।

पिछले वर्ष जारी अंतरिम बजट में कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय सेना के लिए 35,000 करोड़ रुपए देकर वन रेंक वन पेंशन को लागू किया था। हालाँकि, इस बार पहले से ही उम्मीद है कि सरकार पहली बार में ही 3 लाख करोड़ के आस-पास रक्षा का बजट पेश करेगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -