"कॉन्ग्रेस के समय में दंगे हुए, इन्होंने दंगों को शांत करने का प्रयास किया होगा और हम भी दंगों को शांत करेंगे। परन्तु इसको मेरी पार्टी और विचारधारा पर मढ़ने का प्रयास निंदनीय है, जब हकीकत ये है कि कॉन्ग्रेस के शासन में 76% लोग दंगों में मारे गए हैं।"
ताहिर हुसैन के साथ ही हिंसा फैलाने के अरोपित रियासत अली और दिलबर नेगी के हत्यारोपित शाहनवाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इससे पहले कोर्ट ने रियासत अली को पुलिस रिमांड पर भेजा था। केंद्र सरकार दिल्ली दंगों में शामिल लोगों की पहचान तत्परता से कर रही है और दोषियों की गिरफ्तारियाँ कर रही है।
"मैं सदन को और सदन के माध्यम से देश को विश्वास दिलाता हूँ कि दंगो के लिए जिम्मेदार लोग और दंगों का षड्यंत्र करने वाले लोग, चाहे वे किसी भी जाति, मजहब या पार्टी के हो, उन्हें किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा।"
24 फरवरी की रात को जब दिलबर नेगी दुकान की बेकरी के गोदाम में सो रहा था, उसी समय दंगाइयों ने गोदाम में आग लगा दी। दंगाइयों ने दिलबर के हाथ-पैर काटे और अधमरी अवस्था में ही उसे आग के हवाले कर दिया। दिलबर के साथी श्याम का कहना था कि दंगाइयों ने उस पर भी हमला किया, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गया।
कल गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में खुलासा किया था कि आईबी के अफसर अंकित शर्मा की हत्या की जाँच में जुटी एसआईटी को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। एसआईटी को वह वीडियो भी हाथ लगा है, जिसमें अंकित शर्मा की हत्या के कई राज छिपे हैं। यह वीडियो एक आम नागरिक ने पुलिस के पास भेजा है।
मूल रूप से सीकर, राजस्थान के रहने वाले रतन लाल को केंद्र सरकार द्वारा शहीद का दर्जा दिया गया। 42 वर्षीय रतन लाल वर्ष 1998 में दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल के तौर पर नियुक्त हुए थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार संजय सिंह और उदित राज से पीएफआई सरगना की लगातार बातचीत होती थी। इसके लिए कॉल, मैसेज और व्हाट्सप्प का इस्तेमाल किया जाता था। मोहम्मद परवेज़ कई भड़काऊ व्हाट्सप्प ग्रुप्स से भी जुड़ा हुआ है, जो दंगा फैलाने का काम करते हैं।
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने PFI के दानिश को दबोचा था। उसने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। उससे मिली जानकारी के आधार पर फंडिंग और हिंसा भड़काने में शामिल रहे लोगों की धर-पकड़ के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
अमित शाह द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक अब तक दिल्ली हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने 700 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और 2,647 लोगों को हिरासत में लिया गया है या गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की ओर से जारी बयान के मुताबिक आर्म्स एक्ट के तहत 48 मामले दर्ज किए गए हैं।
अमित शाह ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने 27 फरवरी से आज तक 700 से ज्यादा FIR दर्ज की हैं और 2,647 लोगों को हिरासत में लिया है। इस दौरान शाह ने ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि CCTV फुटेज में व्यक्ति का चेहरा दिखाई देता है यह न तो कोई धर्म देखता है और न ही किसी के कपड़े, क्योंकि ओवैसी ने आरोप लगाया था कि एक ही धर्म के लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।