अंकित शर्मा की कितने निर्मम तरीके से हत्या की गई थी, इसके राज मुल्ला पहले ही खोल चुका है। अब इस मामले में फ़िरोज़, जावेद, गुलफाम, शोएब और अनस दबोचे गए हैं। मूसा की तलाश की जा रही है।
SIT ने जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया है उनकी पहचान मोहम्मद फिरोज, चाँद मोहम्मद, और रईस खान के रूप में हुई है। इनके सम्पर्क शाहिद खान की हत्या से जुड़े होने के कारण इन्हें गिरफ्तार किया गया है।
इंडोनेशिया का एक NGO, पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के साथ लिंक, पैसों को हवाला के जरिए दुबई से भारत भेजा जाना... इन सब के पीछे वही प्रोपेगेंडा! इंटरनेट पर उपलब्ध फोटो और मैसेज को प्रोपेगेंडा की तरह इस्तेमाल करना।
शाहीन बाग से प्रदर्शनकारियों द्वारा गिरफ्तार आरोपित मुस्लिमों की रिहाई की माँग करना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। आरोपित की रिहाई कानूनी प्रक्रिया के तहत होती है, भीड़ की माँग पर नहीं। फिर आखिर क्या वजह है कि शाहीन बाग में धरने पर बैठी भीड़ आरोपितों को छोड़ने के लिए दबाव बना रही है?
हमला करने वाली अधिकतर महिलाओं ने बुर्के पहन रखे थे, इसलिए उन्हें पकड़ना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा है। लेकिन, मौके से मिले वीडियो फुटेज और सर्विलांस के जरिए 6 महिलाओं की पहचान कर ली गई है, जिनको लेकर पुलिस जल्द खुलासा और गिरफ्तारियाँ कर सकती है।
पुलिस ने चॉंदबाग में दंगों के दौरान मूसा के फोन को सर्विलांस पे रखा था। बातचीत में मुल्ला का नाम सामने आया था। जब मुल्ला का फोन सर्विलांस पर लिया गया तो वह किसी से बात करते हुए सुनाई पड़ा- हमने एक को गोद दिया।
दंगाइयों ने हिंदुओं, उनके शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों, दुकानों, घरों, वाहनों को चुन-चुनकर निशाना बनाया था। पहले से तैयार पेट्रोल बम, गुलेल, ईंट-पत्थर आदि बताते हैं कि यह अचानक नहीं हुआ।
तनवीर और गुलफाम दंगों में शामिल थे। इनके पास से कई मोबाइल फोन मिले हैं जिन्हें जॉंच के लिए फॉरेंसिक विभाग को भेज दिया गया है। इससे पहले अंकित शर्मा की हत्या के मामले में सलमान को गिरफ्तार किया गया था।
“दिल्ली में हुए दंगों की जाँच पड़ताल में सोशल मीडिया में 60 ऐसे अकाउंट मिले हैं जो 22 फरवरी को शुरू हुए और 26 फरवरी को बंद हो गए। अगर ये लोग सोचते हैं कि अकाउंट बंद करके वो बच जाएँगे तो मैं बता दूँ कि वो जहाँ पर भी हैं पुलिस उनको ढूँढ निकालेगी।”
"हत्या करने वाले सभी लोगों को पता था कि अंकित IB में काम करते हैं। साजिश कर उनकी हत्या की गई। पहले घसीटकर ताहिर हुसैन के घर ले गए और फिर 1 दर्जन से भी ज्यादा लोगों ने चाकू से वार किया। तड़पा-तड़पाकर मारा और फिर शव नाले में फेंक दिया।"