ईडी ने न्यायाधीश चंद्रशेखर के सामने कहा कि कॉन्ग्रेस प्रमुख सोनिया गाँधी के दामाद वाड्रा अपने खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जाँच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
आमिर खान की याचिका में कहा गया है कि ट्रायल जज ने स्वीकार किया है कि पीड़िता के पिता के साथ मारपीट या पिटाई की साजिश में उसकी कोई भूमिका नहीं है। इसलिए याचिकाकर्ता सहित पुलिस अधिकारियों को हत्या के लिए उत्तरदायी बनाना गैरकानूनी है।
आजादी के दौरान हर धर्म जाति और वर्ग के लोगों ने वंदे मातरम गीत को गाते हुए आंदोलन में हिस्सा लिया था, लेकिन दुर्भाग्वश जन गण मन को देश में पूरा सम्मान मिला, लेकिन वंदे मातरम को भुला दिया गया।
"अगर वाड्रा को ज़मानत दी गई, तो वो सबूतों के साथ छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं क्योंकि वह एक ‘प्रभावशाली व्यक्ति’ हैं। गिरफ़्तारी से छूट मिलने पर कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर हो रही जाँच को नुक़सान हो सकता है, जिसमें अवैध सम्पत्ति का सटीक स्रोत और..."
सरकार के पक्ष को सुनने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने रक्षा मंत्रालय की याचिका को स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख़ 28 फ़रवरी तय कर दी है।