अमित शाह द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक अब तक दिल्ली हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने 700 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और 2,647 लोगों को हिरासत में लिया गया है या गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की ओर से जारी बयान के मुताबिक आर्म्स एक्ट के तहत 48 मामले दर्ज किए गए हैं।
अमित शाह ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने 27 फरवरी से आज तक 700 से ज्यादा FIR दर्ज की हैं और 2,647 लोगों को हिरासत में लिया है। इस दौरान शाह ने ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि CCTV फुटेज में व्यक्ति का चेहरा दिखाई देता है यह न तो कोई धर्म देखता है और न ही किसी के कपड़े, क्योंकि ओवैसी ने आरोप लगाया था कि एक ही धर्म के लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।
12 से स्कूल में शुरू होने वाली बच्चों की वार्षिक परीक्षाओं के लेकर DoE के निदेशक विनय भूषण ने कहा कि वे इस मामले को देख रहे हैं। “हमें घटना के बारे में पता चला है। हमने अधिकारियों को परीक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। हम छात्रों का समय बर्बाद नहीं कर सकते।
"यही वो जगह है, जहाँ हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल का बलिदान हुआ था। यही वो जगह है, जहाँ बुरका और टोपी पहने हुए हजारों की भीड़ ने दिल्ली पुलिस पर हमला किया। हमला करने से पहले CCTV कैमरा को तोड़ दिया। यहाँ तक कि इसके बाद उन्होंने जश्न भी मनाया।"
पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि आखिरकार इनका नेटवर्क किस प्रकार से जामिया में सीएए के ख़िलाफ़ चल रहे प्रोटेस्ट में काम कर रहा था व किस प्रकार से इन्हें फंंडिंग हो रही थी और दिल्ली में चल रहे सीएए के विरोध प्रदर्शन में इसका इस्तेमाल कैसे किया गया।
दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों में छोटे से लेकर बड़े तक, जवान से लेकर बूढ़े तक और महिलाओं से लेकर बच्चों तक - हर कोई शामिल था। इसे देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह लड़ाई एक दिन या CAA विरोध की नहीं बल्कि गजवा-ए-हिंद के सपने को साकार करने की थी।
कलीम अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर है। दो साल से शाहरुख उसके संपर्क में था। गिरफ्तारी के बाद पता चला कि वह 235 किलोग्राम गांजा तस्करी के पुराने केसों में वांछित है। मेरठ कोर्ट से उसके ख़िलाफ़ गैर जमानती वारंट भी जारी हो चुका है।
“सुबह से भूखे थे। सुबह साढ़े आठ बजे घर से निकलते हुए उन्होंने कहा था कि उनके बॉस फील्ड में अकेले हैं। दंगे भड़क गए हैं। मुझे जल्दी जाना होगा...और चले गए। मुझे क्या पता था कि वो सदा के लिए चले जाएँगे। उस दिन उनकी तबीयत खराब थी, लेकिन फिर भी ड्यूटी चले गए।”
दिलबर नेगी की उम्र महज 20 साल थी। दंगाइयों ने हाथ-पैर काट उन्हें जिंदा जला दिया था। मुस्लिम भीड़ की दरिंदगी को छिपाने के लिए प्रोपेगेंडा पोर्टल वायर ने लिखा है कि नेगी की मौत 'जलने के कारण हुए घाव से हुई'। न इस मामले में गिरफ्तार शाहनवाज का जिक्र है न नेगी के साथ हुई क्रूरता का।
ताहिर हुसैन की हिंदू विरोधी दंगों में संलिप्तता को लेकर कई सबूत सामने आए हैं। अपना नाम सामने आने के बाद से वह फरार था। गुरुवार को उसे दिल्ली पुलिस ने धर दबोचा था। उस पर आईबी के अंकित शर्मा की हत्या का आरोप है।