Saturday, December 4, 2021
Homeदेश-समाजदिल्ली दंगे का केन्द्र बना राजधानी स्कूल का मालिक फैजल फारुख गिरफ्तार: पुलिस ने...

दिल्ली दंगे का केन्द्र बना राजधानी स्कूल का मालिक फैजल फारुख गिरफ्तार: पुलिस ने सील किया स्कूल

इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमने शिव विहार में राजधानी पब्लिक स्कूल के मालिक को गिरफ्तार किया है, और दंगों में उसकी भूमिका की जाँच की जा रही है।

सीएए विरोध के नाम पर दिल्ली में हुई हिंदू विरोधी हिंसा के दौरान दंगाईयों की शरणगाह बने शिव विहार के राजधानी पब्लिक स्कूल के मालिक को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दिल्ली पुलिस ने दंगों में स्कूल की भूमिका संदिग्ध होने पर पूरे स्कूल को सील कर दिया है। दरअसल दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों में अब तक 53 लोगों की मौत सामने आ चुकी है वहीं घटना में कुल 400 लोग घायल हुए थे।

दिल्ली पुलिस ने स्कूल और स्कूल के मालिक की दिल्ली दंगों में संदिग्ध भूमिका की जाँच के चलते स्कूल मालिक फैसल फारुख को बीते शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। वहीं दिल्ली पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए बीते शुक्रवार को राजधानी स्कूल को सील कर दिया है।

इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमने शिव विहार में राजधानी पब्लिक स्कूल के मालिक को गिरफ्तार किया है, और दंगों में उसकी भूमिका की जाँच की जा रही है। वहीं 12 से स्कूल में शुरू होने वाली बच्चों की वार्षिक परीक्षाओं के लेकर DoE के निदेशक विनय भूषण ने कहा कि वे इस मामले को देख रहे हैं। “हमें घटना के बारे में पता चला है। हमने अधिकारियों को परीक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। हम छात्रों का समय बर्बाद नहीं कर सकते। उन्होंने हिंसा के कारण पहले ही बहुत कुछ झेला है।

वहीं वाइस चेयरमैन सदफ फैसल का कहना है कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने उसके पति और स्कूल के मालिक फैसल फारूक को शनिवार शाम गिरफ्तार कर लिया था “हमें पता नहीं है कि हमें सजा क्यों दी जा रही है? मैंने और मेरे पति ने जीवन भर शिक्षा के क्षेत्र में काम किया है। हमें नहीं पता कि पुलिस मेरे पति का नाम हिंसा से जोड़कर हमें बदनाम करने की कोशिश क्यों कर रही है। वहीं फैसल के वकील शम्स ख्वाजा ने सोमवार को दिल्ली की एक अदालत का दरवाजा खटखटाया और सीलिंग और उसके मालिक को हिरासत में लेने की चुनौती दी।

दरअसल 24 फरवरी को दिल्ली में सीएए विरोध के नाम पर हुई हिंदू विरोधी हिंसा के दौरान दंगाइयों ने पहले तो करावल नगर खजुरी खास स्थित ताहिर हुसैन के मकान को और फिर शिव विहार स्थित राजधानी पब्लिक स्कूल को अपना केन्द्र बनाया था, क्योंकि यह दोनों ही इमारतें हिंदू इलाके में ऊँची और मुस्लिम मालिकों की थीं। यही वो राजधानी स्कूल है जिसकी सबसे ऊपरी छत को दंगाइयों ने अपना केन्द्र बनाते हुए वहाँ बड़ी गुलेल को लगाया था। इसके साथ ही बड़ी संख्या में ईंट-पत्तर और पेट्रोल बम और तेजाब की बोतलों को छत पर पहले ले ही तैयारी के साथ रखा गया था।

इतना ही नहीं चश्मदीदों के मुताबिक स्कूल से सभी मुस्लिम बच्चों को पहले ही निकाल दिया गया था और फिर इसी स्कूल में शेष हिंदुओं के बच्चों को बंधक भी बनाया गया था। इसके बाद ही स्कूल की छत का अपना केन्द्र बनाकर हजारों दंगाइयों ने हिंदुओं के घरों और संपत्तियों को अपना निशाना बनाकर उनको तबाह किया था।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विनोद दुआ को कैसे याद करूँ… पाखंड हुआ नहीं जाता और गोधरा में जलाए गए रामभक्त भी याद आए जा रहे

इसे पाखंड कहूँ या विडंबना विनोद दुआ को उसी इस तरह की श्रद्धांजलि खूब पड़ रही है जो वे नहीं चाहते थे। दुखद यह है कि ऐसा उनके लिबरल-सेकुलर मित्र भी कर रहे।

‘आतंक का कोई मजहब नहीं होता’ – एक आदमी जिंदा जला कर मार डाला गया और मीडिया खेलने लगी ‘खेल’

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाया जा रहा प्रोपगेंडा जिन स्थानीय खबरों पर चल रहा है उनमें बताया जा रहा है कि ये सब अराजक तत्वों ने किया था, इस्लामी भीड़ ने नहीं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
141,521FollowersFollow
412,000SubscribersSubscribe