इस स्टडी की सत्यता को जानने के लिए WHO और दूसरी संस्थाओं से दुनियाभर के 100 से ज्यादा रिसर्चर ने जाँच करवाने की डिमांड की थी। जिसके बाद लैंसेट ने कहा, "नए डेवलपमेंट के बाद हम प्राइमरी डेटा सोर्स की गारंटी नहीं ले सकते, इसलिए स्टडी वापस ले रहे हैं।"
विदेश मंत्रालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उन दावों खारिज़ कर दिया है, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि भारत-चीन के मसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की थी और वह दोनों देशों के बीच बड़े टकराव को लेकर अच्छे मूड में नहीं हैं।
अमेरिका ने भारत को डोनेशन के रूप में 200 मोबाइल वेंटिलेटर्स देने का फ़ैसला लिया है। इनकी क़ीमत $30 लाख के क़रीब होगी। ख़ुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्विटर पर इसकी घोषणा की थी।
फार्मा सेक्टर दवाइयों और वैक्सीन से दुनिया की सेवा कर रहा है लेकिन यह भी उतना ही बड़ा सच है कि कॉर्पोरेट सिर्फ और सिर्फ पैसा देखता है। COVID-19 दुनिया के समक्ष आज सबसे बड़ी चुनौती है लेकिन यही चुनौती फार्मा जगत के लिए सबसे बड़ा मौका भी है।