राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल ने न्यायपालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। क्या यह भविष्य में किसी सुधार का संकेत है?
सॉलिसिटर जनरल मेहता ने कहा कि संविधान में कम से कम 31 जगह ऐसी हैं जहाँ समय-सीमा स्पष्ट रूप से लिखी गई है, क्योंकि संविधान निर्माताओं ने माना कि कुछ काम समयबद्ध तरीके से होने चाहिए।
द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति और धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के दौरान भी विपक्षी एकता छिन्न भिन्न हो गई थी। ममता बनर्जी की पार्टी तल्ख रिश्तों के बाद भी धनखड़ का विरोध नहीं कर पाई थी।