Gen Z की जुबान अमर्यादित हो गई है, जिससे समाज चिंतित दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया फ्रेंडली ये पीढ़ी इससे सबसे ज्यादा प्रभावित है। जरूरत है पूरी शिक्षा प्रणाली में बदलाव की।
इवान तुर्गनेव का 'फादर्स एंड सन्स' उपन्यास केवल एक रूसी उपन्यास ना होकर पीढ़ियों के बीच चलने वाले शाश्वत संघर्ष का दस्तावेज़ है। बाज़ारोव का विद्रोह, निकोलई का प्रेम और पावेल का प्रतिरोध आज भी भारतीय परिवारों, विचारधाराओं और बदलते समाज में जीवित दिखाई देता है।