"द प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 कॉन्ग्रेस की हुकूमत में इसलिए बनाया गया, ताकि मुगलों द्वारा भारत के प्राचीन पवित्र मंदिरों को तोड़ कर बनाई गई अवैध मस्जिदों को हिंदुस्तान की जमीन पर एक विवाद के रूप में जिंदा रखा जाए और....."
सोमनाथ के अपमान से क्रुद्ध राजा भोज के हमले के बाद महमूद गजनवी तो रेगिस्तान में भाग खड़ा हुआ लेकिन उसके बेटे सालार मसूद को मौत के घाट उतार दिया गया, तब इस मंदिर का निर्माण हुआ था।
राज्य में हाल ही में हिंदू मंदिरों पर हमले की घटनाएँ बढ़ रही हैं। अभी कुछ दिन पहले कृष्णा जिले के वत्सवई मंडल में मककपेटा गाँव में ऐतिहासिक काशी विश्वेश्वर स्वामी मंदिर के अंदर नंदी की मूर्ति को कुछ बदमाशों ने खंडित कर दिया था।
VHP के एक प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तानी उच्चायुक्त को सौंपे ज्ञापन में मुल्तान में मिली देवी-देवताओं की स्वर्ण मूर्तियॉं भारत को सौंपने का अनुरोध किया है।