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कितने करप्ट हैं हम: 5 वर्षों में 16 स्थान ऊपर चढ़ा भारत, कम हुआ भ्रष्टाचार

जहाँ उस समय अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ बड़े पैमाने पर हो रहे भ्रष्टाचार की बात करती थी, अब भारत को पॉजिटिव नजरों से देखते हुए ऐसे देशों की सूची में रखती है, जिनका प्रदर्शन बेहतर होने की उम्मीद है।

₹5,650 करोड़ से चीन पर नज़र: हिंद महासागर में ड्रैगन को घेरने की तैयारी

इस योजना की समीक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अध्यक्षता वाली डिफेंस प्लानिंग कमिटी ने भी की थी, जिसमें तीनों सेनाओं के प्रमुख भी शामिल हुए थे।

भारत के इतिहास में पहला जौहर करने वाली उत्तराखंड की जिया रानी

लूटेरे तैमूर ने एक टुकड़ी आगे पहाड़ी राज्यों पर भी हमला करने के लिए भेजी, जब ये सूचना जिया रानी को मिली तो उन्होंने फ़ौरन इसका सामना करने के लिए कुमाऊँ के राजपूतो की एक सेना का गठन किया।

विश्व की सबसे बड़ी सेनिटेशन योजना ‘स्वच्छ भारत अभियान’ से हमें क्या मिला

साठ के दशक के आरंभिक दिनों में जब विद्याधर सूरजप्रसाद नायपॉल अपने पुरखों की भूमि भारत आए थे तब उन्हें कश्मीर से लेकर मद्रास...

अच्छी ख़बर: वैश्विक स्तर पर भारत सबसे भरोसेमंद राष्ट्रों में से एक

रिपोर्ट में भारत को वैश्विक विश्वास सूचकांक में 3 प्वॉइंट की बढ़ोतरी मिली है। भारत जागरूक जनता श्रेणी में दूसरे स्थान पर है और सामान्य जनसंख्या में तीसरे स्थान पर।

IIT खड़गपुर के वैज्ञानिकों ने पता लगाया भारत में जीवन का प्रारंभिक स्रोत

वैज्ञानिकों के दल ने महाराष्ट्र में कोयना नदी के तट पर बसे करार गाँव में ऐसे सूक्ष्म जीवों का पता लगाया है जो उस क्षेत्र में तब से अस्तित्व में हैं जब पृथ्वी के वायुमंडल में ऑक्सीजन का घुलना प्रारंभ हुआ था।

प्रिय लम्पट बुद्धिजीवी गिरोह, भारत ने रोहिंग्या का ठेका नहीं ले रखा है

भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रोहिंग्याओं को अवैध अप्रवासी बताते हुए उन्हें देश की सुरक्षा के लिए ख़तरा बताया था। सरकार का तर्क था कि रोहिंग्या लोगों को रहने की अनुमति देने से हमारे अपने नागरिकों के हित काफी प्रभावित होंगे और देश में तनाव भी पैदा होगा।

सिख, जैन और बौद्ध और सभी धर्मों के मतावलंबी भी आते हैं कुंभ में

आज़मगढ़ के शमीम अहमद 1983 से कुंभ में डुबकी लगाते रहे हैं। वे किसी आस्थावान हिन्दू की भाँति गंगाजल को अपने घर में रखते हैं। अनवर मोहम्मद ने कई वर्षों तक निरंजनी अखाड़े के स्नान के समय शहनाई बजाई थी।

लैंगिक समानता हिन्दू जीवन-दर्शन का अभिन्न अंग: अन्य धर्मों-सभ्यताओं से एक तुलनात्मक अध्ययन

इतिहास में क्या कहीं भी ऐसा वाक़या मिलता है, जहाँ महिलाओं ने किसी धर्म या संस्कृति की प्राथमिक पुस्तक का लेखन कार्य किया हो? भारत में महिलाओं ने वेद लिखे हैं

असहिष्णुता के शिकार हो रहे हैं लोग: फारूक अबदुल्ला ने छेड़ा शाह फ़ैसल वाला राग

वो केवल अपने विवादों के ज़रिए एक ऐसा माहौल बनाने का प्रयास करते रहते हैं जिससे केंद्र सरकार को बेवजह कटघरे में खड़ा किया जा सके।

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