"पूरे देश में कश्मीरी मुस्लिम सुरक्षित हैं, लेकिन कश्मीर में 370 खत्म होने के बाद से दो बेग़ुनाह मुस्लिमों को जान से मारा जा चुका है। किसने मारा हिन्दुओं ने? नहीं। एक को मुस्लिम आतंकियों ने मारा और दूसरे को पत्थरबाजों ने!"
जम्मू-कश्मीर विधान परिषद् के सभापति हाजी अनायत अली के अलावा, लद्दाख स्वायत्तशासी पर्वतीय विकास परिषद के कार्यकारी पार्षद मोहम्मद अली हसन और 6 अन्य नेताओं ने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की और पार्टी में शामिल हुए।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अब्दुल क़ादिर कोहली और मंजूर अहमद को त्राल के जंगलों से अगवा किया गया था। सुरक्षा बलों ने दोनों की तलाश शुरू की। इसी दौरान एक शख़्स का शव मिला, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।
कुछ अराजक तत्व घाटी में फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने और फ़र्ज़ी ‘क्लैंपडाउन स्टोरीज’ को गढ़ कर डर का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रदेश में हालात सामान्य करने में केंद्र सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, जिसमें वो सफल भी रही है।
बीजेपी में शामिल होने के बाद इनायत अली ने कहा, "दो सालों में आप बदलाव देखेंगे। कई लोग जो भाजपा का आज विरोध कर रहे हैं, वे पार्टी को ज्वाइन करेंगे। उनके पास हमारे साथ आने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।"
अब्दुल्ला परिवार की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के 2 सांसदों ने जम्मू कश्मीर का दौरा किया और अब वे दिल्ली लौट आए हैं। दोनों नेताओं ने पूरी सक्रियता से घाटी में लोगों से मुलाक़ातें की। एनसी के वरिष्ठ नेताओं मोहम्मद अकबर लोन और जस्टिस (रिटायर्ड) हसनैन मसूदी ने कश्मीर का दौरा किया।
पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री शिरीन माजरी ने इस पूरे मसले पर ट्वीट किया है। माजरी ने ट्विटर द्वारा भेजे गए ईमेल का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा है, “ट्विटर वाकई में मोदी सरकार का मुखपत्र बन गया है। उन्होंने हमारे राष्ट्रपति को नोटिस भेजा है। यह बहुत ही बुरा और बेतुका है।”
जम्मू-कश्मीर के मसले पर लोकसभा में पार्टी की किरकिरी करा चुके अधीर रंजन चौधरी ने कहा था, "जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल को राज्य बीजेपी इकाई का अध्यक्ष बना देना चाहिए। उनकी टिप्पणी और बयान बीजेपी नेताओं की तरह होते हैं।”
“आप काहे के पत्रकार हैं? पीएम मोदी ने इतना बड़ा काम कर दिया, आप लोगों पर असर नहीं है क्या? आप हिन्दुस्तानी हैं? क्या आप एक भारतीय हैं? भारतीय होने पर गर्व है? पत्रकारिता की बात मत करो। राष्ट्र की बात करो। अगर आपको नरेंद्र मोदी का काम नज़र नहीं आता तो आप हिन्दुस्तानी हैं ही नहीं।”
जम्मू-कश्मीर के अधिकांश लोग आर्टिकल 370 हटाए जाने की सराहना कर रहे हैं। लेकिन घाटी में मौजूद कुछ अराजक तत्व लगातार माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इन पर नकेल कसने के लिए सुरक्षा बल लगातार प्रयासरत है।