लोकसभा में बोलते हुए सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, विपक्ष हमेशा यही बोलता रहता है संविधान खतरे में है पर सच तो ये है संविधान नहीं, इनकी राजनीति खतरे में है।
ईडी ने जब्ती नोट में इसका जिक्र किया है कि संजीव कुमार लाल ने पूछताछ में स्वीकारा था कि कुल टेंडर का तीन से चार प्रतिशत राशि वसूला जाता था। इसमें वह मंत्री के शेयर के रूप में 1.35 प्रतिशत राशि वसूलते थे।