Homeदेश-समाजजनजातीय समाज के पवित्र स्थल को मुस्लिमों ने बना दिया कब्रिस्तान: जहाँ करते थे...

जनजातीय समाज के पवित्र स्थल को मुस्लिमों ने बना दिया कब्रिस्तान: जहाँ करते थे पूजा वहाँ रहमतुल्लाह को दफना दिया, पूर्व CM बोले – प्रशासन भी दे रहा साथ

पावन पतित भूमि को जामताड़ा के जनजातीय लोग अपना धार्मिक स्थल मानते हैं। जैसे ही उन्हें अपने धार्मिक स्थल पर लाश दफनाने की तैयारियों का पता चला, वो एकजुट हो कर मौके पर पहुँच गए।

झारखंड के जामताड़ा जिले में एक जमीन पर मालिकाना हक जताते हुए मुस्लिम और जनजातीय समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए हैं। विवाद की वजह ‘पुरातन पतित’ नाम की जगह है। जनजातीय लोग इसे अपनी धार्मिक जमीन बता रहे हैं जबकि मुस्लिम समुदाय के लोग इसे अपना कब्रिस्तान घोषित कर रहे हैं। मुस्लिम पक्ष द्वारा यहाँ पर एक शव को भी दफना दिया गया जिस से तनाव का माहौल बन गया। जनजातीय समुदाय ने पुलिस पर मुस्लिमों के पक्ष में कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। भाजपा ने इस विवाद की वजह हेमंत सोरेन सरकार की तुष्टिकरण की नीति बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला जामताड़ा के नारायणपुर थाना क्षेत्र में आने वाले पावन पतित नाम की जगह का है। शनिवार (24 अगस्त, 2024) को इसी क्षेत्र के शहरपुर पंचायत में रहने वाले गाँव पीठुआडीह के रहमतुल्लाह की मौत हो गई थी। रहमतुल्लाह का जनाजा ले कर मुस्लिम समुदाय पावन पतित जमीन की जमीन पर बढ़ चला। इसी जमीन पर रहमतुल्लाह को दफनाने की तैयारियाँ शुरू हो गईं। जैसे ही आसपास के जनजातीय लोगों को इसकी जानकारी हुई वो नाराज हो गए।

बताते चलें कि पावन पतित भूमि को जामताड़ा के जनजातीय लोग अपना धार्मिक स्थल मानते हैं। जैसे ही उन्हें अपने धार्मिक स्थल पर लाश दफनाने की तैयारियों का पता चला, वो एकजुट हो कर मौके पर पहुँच गए। उन्होंने शव दफनाने का विरोध किया तो दूसरी तरफ से भी तनातनी शुरू हो गई। माहौल को तनावपूर्ण देख कर मौके पर पुलिस बल पहुँच गया। पुलिस ने थोड़ी देर बातचीत के बाद मुस्लिमों का पक्ष लिया और पावन पतित की भूमि पर ही रहमतुल्लाह को दफना दिया गया।

स्थानीय जनजातीय समुदाय ने पुलिस की कार्रवाई को एकपक्षीय बताया। उन्होंने आरोप लगाया है कि स्थानीय प्रशासन भी मुस्लिम समुदाय का साथ दे रहा है। हालात तनावपूर्ण देखते हुए इलाके में पुलिस बल की सक्रियता बढ़ा दी गई है। वहीं झारखंड के भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने इस हरकत को ‘लैंड जिहाद’ का नाम दिया है। बाबूलाल मरांडी के मुताबिक, राज्य में झामुमो और कॉन्ग्रेस की मिलीजुली सरकार मुस्लिम तुष्टिकरण कर रही है जिसका जवाब जनजातीय समाज चुनावों में देगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -