Wednesday, July 17, 2024
Homeराजनीतिजिहादियों का नया 'हमदर्द' है JNUSU अध्यक्ष धनंजय, दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों के...

जिहादियों का नया ‘हमदर्द’ है JNUSU अध्यक्ष धनंजय, दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों के साजिशकर्ता शरजील इमाम-उमर खालिद की चाहता है रिहाई: Video वायरल

जेएनयू स्टूडेंट यूनियन की प्रेसिडेंसियल डिबेट के दौरान धनंजय को यह कहते हुए सुना गया, "मैं इस मंच से शरजील इमाम और उमर खालिद की रिहाई की माँग करने आया हूँ।"

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के धनंजय ने रविवार (24 मार्च 2024) को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के प्रेसीडेंट पोस्ट पर जीत हासिल की। स्टूडेंट यूनियन के इस चुनाव के परिणामों की घोषणा के कुछ ही देर बाद धनंजय का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो दिल्ली के एंटी-हिंदू दंगों के आरोपितों शरजील इमाम और उमर खालिद की रिहाई की माँग कर रहा है। ये वीडियो जेएनयू स्टूडेंट यूनियन की प्रेसिडेंसियल डिबेट के दौरान का है, जिसमें धनंजय बोल रहा है, “मैं इस मंच से शरजील इमाम और उमर खालिद की रिहाई की माँग करने आया हूँ।”

इस वायरल वीडियो का मूल वीडियो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर शेयर किया गया है। इस वीडियो में धनंजय को ये कहते सुना जा रहा है, कि “हमारे साथियों को जेल में डाल दिया गया है। मैं उनकी रिहाई की माँग करने के लिए यहाँ हूँ।” चुनावी भाषण के दौरान आइसा नेता ने यह भी कहा, ”मैं इस मंच से शरजील इमाम और उमर खालिद की रिहाई की माँग करने के लिए यहाँ आया हूँ।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक, धनंजय ने एबीवीपी के उमेश चंद्र अजमीरा को 922 वोटों से हराकर चुनाव जीता है। शरजील इमाम के बारे में जो लोग नहीं जानते, उन्हें ये बता दें कि शरजील इमाम वही है, जिन्हे अलीगढ़ में एक सभा को संबोधित करते हुए मुस्लिमों से सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी भारत की ‘चिकेन नेक’ को देश से काटने के लिए कहा था, ताकि नॉर्थ-ईस्ट के सात राज्यों का भारत की मुख्य भूमि से संपर्क कट जाए। यही नहीं, उसने असम को भारत से अलग करने की बात भी कही थी।

उसने मुस्लिमों से देश के अंदर की सड़कों को बंद करने और इंटरनेशनल मीडिया का ध्यान खींचने के लिए कहा था, ताकि उनके कथित आंदोलन पर सबकी नजर आए और भारत सरकार झुक जाए। वो द वायर में आर्टिकल भी लिखता रहा था।

शरजील इमाम दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों के मुख्य आरोपितों में से एक है। उसपर यूएपीए के तहत मामला भी चल रहा है, जिसमें वो जमानत पाने की लड़ाई लड़ रहा था। वो सीएए के विरोध में आयोजित प्रदर्शनों और हिंसा का सूत्रधार रहा है। वहीं, उमर खालिद पर भी ऐसे ही आरोप हैं।

ये खबर मूल रूप से अंग्रेजी भाषा में लिखी गई है। मूल खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अमेरिकी राजनीति में नहीं थम रहा नस्लवाद और हिंदू घृणा: विवेक रामास्वामी और तुलसी गबार्ड के बाद अब ऊषा चिलुकुरी बनीं नई शिकार

अमेरिका में भारतीय मूल के हिंदू नेताओं को निशाना बनाया जाना कोई नई बात नहीं है। निक्की हेली, विवेक रामास्वामी, तुलसी गबार्ड जैसे मशहूर लोग हिंदूफोबिया झेल चुके हैं।

आज भी फैसले की प्रतीक्षा में कन्हैयालाल का परिवार, नूपुर शर्मा पर भी खतरा; पर ‘सर तन से जुदा’ की नारेबाजी वाले हो गए...

रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि गौहर चिश्ती 17 जून 2022 को उदयपुर भी गया था। वहाँ उसने 'सर कलम करने' के नारे लगवाए थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -