रंगभरी एकादशी वैसे तो पूरे देश में मनाई जाती है, पर काशी जैसा उत्साह शायद ही कहीं दिखता है। रंग-गुलाल से सराबोर काशी की यह परंपरा 357 साल पुरानी है। आज से बुढ़वा मंगल तक अब हर तरफ बनारस में एक ही रंग दिखेगा और वह रंग है होली का।
बस्ती के लोगों ने कहा कि वो प्रशासन से माँग करते हैं कि सुलेमान की बेटी सबीना सहित सभी हमलावरों को सजा हो। सबीना ने ही बस्ती में खून की होली खेलने की धमकी दी थी।
वाजे मुंबई के एक 5 स्टार होटल में 16 से 20 फरवरी तक रुका था। जहाँ रूम बुक करने के लिए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया था। उसके पास दो ब्लू बैग थे, जिसमें जिलेटिन स्टिक थी।
रेडियो चुप है। कोई ब्लैक स्क्रीन नहीं है। कहीं पेंट हुए चेहरे नहीं हैं और कोई मीम नहीं है। सिर्फ़ चुप्पी है। यही चुप्पी तुम्हारे रक्षक की हकीकत है। ये चुप्पी ही आज का शो है।