Monday, July 26, 2021
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सहेली सबीना ही जान की दुश्मन, सराय काले खाँ में दलितों पर हमले की साजिश उसी की: पुलिस को 3 और की तलाश

सबीना सराय काले खाँ में सभी मुस्लिम परिवारों में उठती बैठती है। मजहब के नाम पर लोगों को उकसाती है। इससे पहले भी वह पड़ोसियों के झगड़े को मजहबी रंग देने की कोशिश कर चुकी है। सबीना ने ही दोपहर में वाल्मीकि बस्ती जाकर खून की होली खेलने की धमकी दी थी। इतना ही नहीं ये भी कहा कि अगर लड़का-लड़की सराय काले खाँ आते हैं तो उनकी हत्या कर दी जाए।

दक्षिणी दिल्ली के सराय काले खाँ में शनिवार (मार्च 20, 2021) रात मुस्लिम समुदाय के 50 से अधिक युवकों की उग्र भीड़ ने इलाके की दलित बस्ती में घुसकर आधे घंटे तक लाठी, डंडों, रॉड, कट्टा और तलवार के साथ जिस तरह से रात करीब 11 बजे हमला किया उसे सुनियोजित बताया जा रहा है।

दलित युवक और मुस्लिम लड़की के बीच आपसी सहमति से हुई शादी को लेकर जो उपद्रव हुआ उसके पीछे 38 वर्षीय सबीना नाम की एक महिला का नाम बार-बार सामने आ रहा है। जो मुस्लिम लड़की के मोहल्ले की है। अब दिल्ली पुलिस सबीना को तलाश रही है। उसे मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है।

दलित युवक सुमित की माँ ने ऑपइंडिया को बताया कि उनकी बहू जिसे वो अब ‘खुशी’ बुलाती हैं, की सबीना नाम की एक सहेली/परिचित है, उसके पिता का नाम सुलेमान है, उसका उनकी बहु के घर आना-जाना था। वो इस शादी को लेकर सबसे ज्यादा बिगड़ी हुई थी। वही राजीनामे के दिन सेलेक्ट कॉलोनी थाने में भी 20-25 लोगों को लेकर आई थी और मार देने की धमकी दे रही थी।

युवक की माँ ने साफ कहा कि सबीना ने ही सबको भड़काकर इस हमले की साजिश रची थी क्योंकि वह बार-बार धमकी दे रही थी। हालाँकि, जिस समय यह घटना घटी उस समय लड़के के घर वाले अपनी बस्ती में न होकर किसी दूसरे सुरक्षित जगह पर चले गए थे। जिसकी वजह से उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुँचा है मगर बस्ती के लोग इस घटना से उनसे काफी नाराज हैं क्योंकि उनका काफी नुकसान हुआ है। बस्ती की 30 से अधिक गाड़ियाँ और बाहर रखे कूलर, गमले सहित कई दूसरे सामान मुस्लिम उपद्रवियों द्वारा तोड़ दिए गए हैं।

सुमित की माँ ने ऑपइंडिया को बताया, “मुस्लिम भीड़ ने उस थाने को ही घेर लिया था, जहाँ पर उनमें राजीनामा हुआ था। जब भीड़ ने उनको पूरी तरह से घेर लिया तो पुलिस ने सुरक्षा के मद्दे नजर लड़के के परिजनों को अंदर थाने में बुला लिया। वो लोग गाली-गलौज कर रहे थे। कह रहे थे कि लड़की को दे दो, काट देंगे। अब हमारे काम की नहीं रही। इसने ईमान खो दिया।”

लड़के की माँ ने कहा कि अगर उनकी बेटी जाती है तो ले जाएँ, लेकिन लड़की ने जाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि डर की वजह से राजीनामा के बाद उन्हें अपने घर लेकर नहीं आईं। उन लोगों ने उनके घर के बाहर भी तोड़फोड़ की। दरवाजा तोड़कर घर में आग लगाने की कोशिश की। अगर उस दिन घर पर वो लोग होते तो वो मार दिए जाते। पुलिस काफी सुरक्षा के साथ उन्हें भीड़ से बचाकर लाई।

अब तक मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि सबीना सराय काले खाँ में सभी मुस्लिम परिवारों में उठती-बैठती है। मजहब के नाम पर लोगों को उकसाती रहती है। इससे पहले भी एक बार वह पड़ोसियों के झगड़े को मजहबी रंग देने की कोशिश कर चुकी है।

बस्ती के लोगों ने ऑपइंडिया को बताया कि सबीना ने ही दोपहर में खून की होली खेलने की धमकी दी थी। कहा जा रहा है कि उसने ही कई दूसरे मुस्लिम लोगों से मीटिंग की और उनको उकसाया। इतना ही नहीं ये भी कहा कि अगर लड़का-लड़की सराय काले खाँ आते हैं तो उनकी हत्या कर दी जाए।

पीड़ित के माता-पिता का यह भी कहना है कि इन धमकियों के बाद वो पुलिस सुरक्षा में अपने रिश्तेदारों के घर चले गए थे। इसके बाद भी उनकी तलाश में यहाँ बस्ती पर हमला हुआ। उस भीड़ में मुस्लिम लड़की के परिजन और अन्य सम्बन्धी और बाहर से आई मुस्लिम भीड़ भी थी जिसे बस्ती को लोग नहीं पहचानते। जिसे जानते हैं कुछ का नाम गिनाते हुए पीड़ित परिवार ने FIR भी की है।

पुलिस ने इस मामले में 8 लोगों को नामजद किया है जिनमें से अली, फैसल, हसन और अफरान सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सबीना समेत तीन अभी भी फरार हैं। हमले में शामिल बाकी लोगों की अभी पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है, क्योंकि बताया जा रहा है कि इन लोगों को हमला करने के लिए बाहर से बुलाया गया था। हालाँकि, CCTV फुटेज के आधार पर बस्ती के लोग उनकी भी गिरफ़्तारी की माँग कर रहे हैं।

ऑपइंडिया ने इस बाबत वाल्मीकि बस्ती केदूसरे पीड़ितों से भी बात की जिसमें पीड़ित महिलाओं ने उस रात की भयावह दास्ताँ को बयाँ किया। उन्होंने बताया कि हमलावर उनके घर में घुस गए थे। हमलावरों के हाथों में तलवार, चाकू, छूरी, बंदूकें और डंडे आदि थे। पीड़ितों का कहना है कि चूँकि वो लोग जगे हुए थे, इसलिए बच गए। हमलावरों ने महिलाओं के बाल पकड़ कर भी खींचे। जिससे उन्हें चोटें भी आई। जब उन्होंने बच्चों को अंदर करके दरवाजा लगाने की कोशिश की तो हमलावरों ने बाल पकड़ कर खींचा।

लोगों ने बताया कि मुस्लिम समुदाय के हमलावरों ने दरवाजे पर ईंटें और तलवारें मारी। जिससे कुछ हद तक कई गेट भी टूटे। उन्होंने आग लगाने की भी कोशिश की। वो गाड़ियों से पेट्रोल निकाल रहे थे, मगर लोगों ने देख लिया और छत से कुछ भारी फेंक कर मारा, जिसके बाद वो वहाँ से भागे। पीड़ित महिलाओं ने बताया कि जब लोग थोड़े से आक्रामक हुए तो वो लोग पीछे हटे और बगल वाली गली में गए। वहाँ पर भी उन लोगों ने हमला किया, जहाँ पर 4-5 लोगों को चोटें आई हैं।

एक और पीड़ित महिला ने कैमरे के सामने कहा कि हमला करने वाली मुस्लिम भीड़ में शामिल सबीना नाम की महिला ने उनके कौम (जाति) को गाली दी और धमकी दी कि वो खून की होली खेलेगी। उसने हमें भं* कहा। उसने कहा कि जो भी मुहल्ला वाला बोलेगा, वो पिटेगा।

पीड़ितों ने न्याय की माँग की है। उनका कहना है कि उन्होंने उनके कौम को गाली दी है, इस पर एक्शन लिया जाए। उन्होंने कहा कि वो प्रशासन से माँग करती हैं कि सभी हमलावरों (वो लड़की भी, जिसका नाम सबीना है, जिसने खून की होली खेलने की धमकी दी) को सजा हो।

गौरतलब है कि अब शादीशुदा जोड़े ने भी घटना के बाद बस्ती पर हमले को देखते हुए एक वीडियो जारी कर प्रशासन से सुरक्षा की माँग की है। 22 वर्षीय दलित युवक सुमित ने कहा कि उन्होंने मार्च 17 को अपनी मर्जी से शादी की है और लड़की भी बालिग़ है।

युवक ने कहा कि लड़की के घर वालों ने उसकी बस्ती में हमला कर के ईंट-पत्थर चलाए व चाकू-तलवार से हमला किया। युवक और युवती ने वीडियो जारी कर के सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि गली तहस-नहस कर दी गई है और धारदार हथियारों से किए गए वार में कई लोग घायल भी हुए हैं।

वहीं सुरक्षा के मद्देनजर, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की एक टीम लगातार मौके पर मौजूद रहती है। बताया जा रहा है कि एक निरीक्षक स्तर के अधिकारी के साथ दोनों समाज के प्रबुद्ध लोग बैठक कर शांति बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस भी दोनों पक्षों के लोगों के संपर्क में है और उनसे शांति बनाए रखने की अपील कर रही है।

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रवि अग्रहरि
अपने बारे में का बताएँ गुरु, बस बनारसी हूँ, इसी में महादेव की कृपा है! बाकी राजनीति, कला, इतिहास, संस्कृति, फ़िल्म, मनोविज्ञान से लेकर ज्ञान-विज्ञान की किसी भी नामचीन परम्परा का विशेषज्ञ नहीं हूँ!

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