“मीडिया का एक सेक्शन है जो दीमक की तरह हमारे देश में लगा है। ये जो दोगली मीडिया है, बिकाऊ मीडिया है, जो ख़ुद को लिबरल कहती है, सेकुलर कहती है और कुछ भी नहीं है दसवीं फेल है... ये लोग सूडो लिबरल हैं और ये लोग बिल्कुल भी सेकुलर नहीं हैं।”
1. हिंदू अपराध करे तो पूरा हिंदुस्तान 'लिंचिस्तान', Pak के मजहब वालों का पाप ढकने के लिए उन्हें 'एशियन' बताना 2. खुले में शौच के लिए हिन्दू धर्म शास्त्र ज़िम्मेदार 3. हिंदुओं पर स्टोरी के लिए मानव-माँस खाते अघोरियों को दिखाना - हिन्दूफ़ोबिया से ग्रसित अंतरराष्ट्रीय मीडिया को समझने के लिए ये तो बस कुछ उदाहरण हैं। इनके कारनामों की लिस्ट बहुत लंबी है।
हिन्दू धर्म और प्रथाओं, परम्पराओं के प्रचार-प्रसार में शामिल लोगों को भी हमेशा सचेत रहना चाहिए कि हमारे ज्ञान और प्रणालियों को इतना धूमिल या व्यवसायीकृत न किया जाए कि उनके मूल रूप, उनकी आत्मा से छेड़-छाड़ होने लगे या वह क्षीण हो जाए।
वीडियो वायरल होने के बाद इस पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। लोगों का कहना है कि जब वह खुद यह कह रहे हैं कि वह पाकिस्तानी हैं तो उन्हें भारत में रहने का अधिकार नहीं, उन्हें पाकिस्तान भेज दिया जाए।
"एक जज ने कहा था कि संविधान बनाने वाले यह जानते थे कि बहुमत से चुनी गई सरकार तानाशाह होती है। मैंने सार्वजनिक रूप से उनसे पूछा कि आप इस तरह के बयान कहाँ से लेकर आते हैं? हम सुप्रीम कोर्ट के जजों का सम्मान करते हैं लेकिन वे भी हमारा सम्मान करें।"
कॉन्ग्रेस ने अपने मंत्रियों को राज्य में विधायकों को एकजुट रखने की जिम्मेदारी सौंपी है। हर एक मंत्री को तीन-तीन विधायकों की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा विधायकों को भाजपा के प्रलोभन से दूर रहने की सलाह दी गई है। कमलनाथ ने विधायकों को सदन में रहने को कहा।
दिन में 5 बार लाउडस्पीकर से अजान देने वालों को मंदिर में 2 बार भजन बजाने से आपत्ति कैसे हो जाती है? ये किस तरह की सोच है कि तुम्हारे लाउडस्पीकर से आती आवाज़ इलाके का हर कान, चाहे या न चाहे सुनेगा ही, लेकिन दूसरे समुदाय ने भजन बजाया तो तुम मंदिर में घुस कर मूर्ति उखाड़ कर ले जाते हो!
उच्चतम न्यायालय ने कारण यह बताया कि याचिकाकर्ता खुद मुस्लिम नहीं है, इसलिए इस याचिका पर सुनवाई का कोई औचित्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का यह रुख सबरीमाला मामले में उसके फैसले के ठीक उलट है। सबरीमाला के याचिकाकर्ताओं में भी किसी का संबंध न तो केरल से था न ही...