रवीश कुमार अब स्थाई तौर पर राजनीति में आ गए लगते हैं। यूँ तो बिलो-दि-बेल्ट हमले की उनकी पुरानी आदत रही है, लेकिन इस बार उन्होंने अलग ही रवैया अपनाया है।
जज रवि कुमार दिवाकर ने कहा, "सत्ता का मुखिया एक धार्मिक व्यक्ति होना चाहिए क्योंकि धार्मिक व्यक्ति का जीवन भोग-विलास का नहीं बल्कि त्याग और समर्पण का होता है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण सिद्धपीठ गोरखनाथ मंदिर के पीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ जी हैं।"
उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि उनकी पार्टी महबूबा मुफ़्ती की पार्टी पीडीपी के लिए जम्मू कश्मीर में एक भी सीट नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें यह बात पहले पता होती तो वह INDI गठबंधन में शामिल ही नहीं होते।