"इसरो के पास कोई जीप या कार नहीं थी। सिर्फ एक बस थी। वह भी शिफ्ट के हिसाब से चलती थी। जब अब्दुल कलाम PSLV-3 बनाने की कोशिश कर रहे थे, तब मुझे नहीं लगता है कि इतना बजट था जितने की माँग की जा रही थी।"
खुब्बापुरा गाँव के एक मुस्लिम युवक सुल्तान ने इस मामले को तूल देने के पीछे नेतागीरी कर रहे लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। कहा - सोशल मीडिया ने दिया हिन्दू-मुस्लिम रंग।
याचिका में ट्रांसजेंडर समाज को आरक्षण देने की माँग की गई है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकारों से जवाब माँगा है। कौन पिछड़ा है, ये तय करने का अधिकार राष्ट्रपति का है - कभी सुप्रीम कोर्ट ये भी कह चुका है।