केरल राज्य बोर्ड द्वारा छात्रों को बड़ी संख्या में 100 फीसदी मार्क्स देने की प्रवृत्ति की ओर इशारा करते हुए इसे 'मार्क्सवादी विचारधारा के प्रचार-प्रसार की सुचिंतित और सुनियोजित साजिश' बताया गया है।
ग्रीष्मा नायक को 9वीं क्लास में 96% नंबर मिले थे, लेकिन 10 वीं में फीस न भर पाने के कारण उन्हें स्कूल ने हॉल टिकट नहीं दिया और इसी से हताश होकर उन्होंने जहर खा लिया था।