"भारत तेरे टुकड़े होंगे के नारे लगाने वाले, तिरंगा जलाने वाले और आंबेडकर की मूर्तियाँ तोड़ने वालों से भी कॉन्ग्रेस को सहानुभूति है। जो भारत के संविधान को नहीं मानते ऐसे लोगों के खिलाफ देशद्रोह का जो क़ानून है, उसको खत्म करने का वादा कॉन्ग्रेस पार्टी ने किया है।"
कॉन्ग्रेस के घोषणापत्र में कई कोरी बातें कही गई हैं, जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। इसके अलावा सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी पार्टी द्वारा अनाप-शनाप बका गया है। लेकिन सोनिया की नाराजगी इन मुद्दों पर नहीं बल्कि राहुल को लेकर है।
आंध्र सीएम नायडू ने नरेंद्र मोदी को 'कट्टर उग्रवादी' और 'बुरा आदमी' बताते हुए कहा कि वो तीन तलाक़ का प्रयोग कर के मुस्लिमों को सलाखों के पीछे पहुँचाना चाहते हैं। उन्होंने मोदी पर अल्संख्यकों पर हमले करने का आरोप लगाया।
लालू यादव के वार्ड की पहले भी तलाशी ली जा चुकी है। झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी कहा था कि लालू से मिलने आने वाले लोगों के लिए जेल के नियम ताक पर नहीं रखे जा सकते। कई विपक्षी नेता राँची जाकर लालू से मुलाकात कर चुके हैं।
सत्ता की दलाली के बाद पाए अवार्ड जिनके मेमेंटो तुम लौटा देते हो, लेकिन पैसे और रॉयल्टी नहीं लौटाते। तुम क्या विरोध करोगे, तुम उस लायक नहीं हो, तुम्हारे विरोध में बेईमानी सनी हुई है। तुम्हारी औक़ात नहीं है विरोध करने की क्योंकि तुम भीतर से चोर हो।
माना जा रहा है कि स्मृति के अमेठी में जनसंपर्क और जनाधार बनाने और बढ़ाने के चलते ही राहुल गाँधी अमेठी के अलावा एक और ‘सुरक्षित’ सीट तलाशने को मजबूर हुए।
सिर्फ़ '20 लाख जॉब्स दे देंगे' कहने या लिख देने से जॉब्स पैदा नहीं हो जाते, उसके लिए आपको कुछ रोडमैप देना पड़ता है। इस मामले में कॉन्ग्रेस का घोषणापत्र फिसड्डी है और एक-एक लाइन की हज़ारों दावों और वादों की झड़ी है, अजय देवगन के 'हिम्मतवाला' की वन-लाइनर्स की तरह।
राजदीप सरदेसाई ने इस सीधे बयान को ग़लत तरीके से पेश करते हुए कहा कि पीएम 'हम बनाम वो' की बात कर रहे हैं। ज़ाहिर है, राजदीप का कुटिल इरादा दो सम्प्रदायों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देना था। वो मोदी की छवि कट्टरवादी और मुस्लिम विरोधी पेश करना चाह रहे थे।
गुजरात से 100 किलोग्राम मादक पदार्थ ज़ब्त किया गया, जिसकी क़ीमत ₹500 करोड़ के क़रीब बताई जाती रही है। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य में यह सबसे बड़ी ज़ब्ती है। तमिलनाडु में भी ₹208.55 करोड़ की सामग्रियाँ ज़ब्त की गईं।
TV डिबेट में अभिजित बनर्जी को भेजना यह दिखाता है कि या तो राहुल में delegtation skills का अभाव है और या फिर कॉन्ग्रेस में इस स्कीम का बचाव करने के लिए लोग ही नहीं मिल रहे।