अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सलाहकार की भूमिका निभा रहे बंदोपाध्याय से कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय (डीओपीटी) द्वारा आरोपों का उल्लेख करते हुए भेजे गए ज्ञापन का 30 दिनों के अंदर जवाब भेजने को कहा गया है।
केंद्र सरकार के सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से कोई भी आपत्ति नहीं जताई गई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुभेन्दु अधिकारी के मीटिंग में शामिल होने के कारण मीटिंग छोड़ने का फैसला किया।
पत्र में यह भी कहा गया है कि किसी भी असहमति की स्थिति उत्पन्न होने पर केंद्र सरकार का निर्णय प्रभावी होगा और संबंधित राज्य सरकार, केंद्र के इस निर्णय को लागू करेंगी।
नारदा स्टिंग मामले में सीबीआई ने तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेताओं को गिरफ्तार करने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भी याचिका दायर की थी।