ममता बनर्जी ने कहावत सुनी होगी कि जान है तो जहान है। अगर ईमानदारी से काम करने वाला पत्रकार ज़िंदा ही नहीं बचेगा तो ममता बनर्जी बताएँ कि उनकी ऐसी पेंशन किस काम की है?
टीएमसी छात्र संगठन से जुड़े छात्र अन्य छात्रों से 'ममता बनर्जी जिंदाबाद' का नारा लगाने को कह रहे थे, लेकिन जब दूसरे छात्रों ने ऐसा करने से मना कर दिया तो उन्होंने एक सीनियर छात्रा से मारपीट की। जब प्रोफेसर सुबरता चट्टोपाध्याय छात्रों को टीएमसी के छात्र संघ से बचाने के लिए बीच में आए तो टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनपर भी हमला कर दिया।
अभिषेक ने 2014 और 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान दाखिल एफिडिवेट में बताया है कि उन्होंने एमबीए की डिग्री इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ प्लानिंग ऐंड मैनेजमेंट (IIPM) से 2009 में हासिल की थी। सार्थक का आरोप है कि यह डिग्री फर्जी है। अभिषेक पश्चिम बंगाल की डायमंड हार्बर सीट से सांसद हैं।
ममता बनर्जी को समझ में आ गया है कि तृणमूल को मुस्लिम तुष्टिकरण भारी पड़ेगा। 2019 के चुनावों ने दिखा दिया कि भाजपा के बंगाल में उत्थान में बहुत बड़ा ध्रुवीकरण था। अगर तृणमूल के पक्ष में मुस्लिम लामबंद हुए तो हिन्दुओं ने भी भाजपा को वोट दिए।
जय श्री राम के अलावा बंगाल विधान सभा में जय माँ काली, अल्लाहु अकबर और राधे-राधे भी सुनाई दिया। अध्यक्ष बिमान बंदोपाध्याय ने कहा कि विधान सभा या संसद की कार्यवाही में किसी भी प्रकार के रिलिजियस नारे लगाना संविधान के विरुद्ध आचरण है।
मृतक की पहचान आनंद पाल के तौर पर हुई है। आनंद मंगलवार (जून 18, 2019) को नाटाबाड़ी इलाके में एक सुनसान जगह पर मृत पाया गया। भाजपा ने इस हत्या का आरोप सीधे सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर लगाया है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि भले ही बंगाल में हड़ताल खत्म हो जाए, लेकिन वह डॉक्टरों की सुरक्षा की माँग के लिए सोमवार को देशभर में हड़ताल करेंगे। उनकी ये हड़ताल सेंट्रल एक्ट को लेकर होगी।
यह इकोसिस्टम कुतर्क में उस्ताद है। बंगाल की हर हिंसा में तृणमूल के साथ बराबर का भागीदार भाजपा को बना देता है। सांप्रदायिकता में भी यही रवैया अपनाता है।
"उसे (उनके बेटे को) डॉक्टरी सहायता की ज़रूरत थी। मैं उसे कई अस्पतालों में लेकर गया। किसी ने सहायता नहीं की। उसकी गलती क्या थी? इस हड़ताल ने मेरे बेटे की जान ले ली।"
ममता बनर्जी ने नॉर्थ 24 परगना में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वो बंगाल को गुजरात नहीं बनने देंगी। अपने बयान में ममता ने साफ़ बोल दिया कि अगर आप बंगाल में आए हैं तो आपको बांग्ला ही बोलनी होगी।