"भारत के मुख्य न्यायाधीश, चुनाव आयुक्त, राष्ट्रपति यह सभी लोग हर पाँच साल बाद मतदान करते हैं। हर इंसान जो चुनाव के दौरान अपने संवैधानिक अधिकारों का सदुपयोग करता है। उसकी कोई न कोई राजनीतिक विचारधारा होती है।"
"जब उनसे आईडी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने दिखाने से मना कर दिया। वह यहाँ का माहौल बिगाड़कर धर्म के नाम पर खेल करवाना चाह रहे थे। हम यहाँ बरसों से रह रहे हैं। यहाँ सभी प्यार से रहते हैं यहाँ ऐसा कुछ नहीं है।"
सीकर का ऑटो चालक गफ्फार। आरोप जबरदस्ती 'जय श्री राम' और 'मोदी ज़िंदाबाद' बुलवाने का। पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर बताया है कि लूटपाट के इरादे से मारपीट हुई।
शेखर गुप्ता की वेबसाइट पर प्रकाशित लेख में कहा गया है कि 'विषाक्त' बिहारी परिवारों में बच्चों पर श्रवण कुमार बनने की जिम्मेदारी होती है। बिहारी रवीश कुमार प्रदेश के अपमान पर चुप हैं।
इंडिया टुडे के गुजराती संस्करण के साथ जब यह सब हुआ तब उसके संपादक शेखर गुप्ता हुआ करते थे। शायद इसी कारण से आज राम मंदिर के भूमि पूजन के समय वह इस दिन को दोबारा याद कर रहें।
बरखा दत्त ने सुशांत सिंह की थेरेपिस्ट के इस बयान से ठीक एक दिन पहले एक ट्वीट में लिखा था कि जिस तरह उनकी जिंदगी से संबंधित मुद्दों पर बात हो रही है उस पर उन्हें दुःख है।