बरखा दत्त ने सुशांत सिंह की थेरेपिस्ट के इस बयान से ठीक एक दिन पहले एक ट्वीट में लिखा था कि जिस तरह उनकी जिंदगी से संबंधित मुद्दों पर बात हो रही है उस पर उन्हें दुःख है।
खालिद सैफी के गुनाहों पर भावुकता की लीपापोती करने का जिम्मा उठाया है राणा अय्यूब ने। वह चाहती हैं कि सैफी के बच्चों के सवाल याद रहे, लेकिन वे तमाम बच्चों बिसरा दिए जाएँ जिनसे दिल्ली दंगों ने पिता छीन लिया था।