हम लोग ये सोचते थे कि सुरक्षा को देखते हुए कॉरिडोर को खोलना बड़ी चुनौती होगी। लेकिन बाद में सिख समुदाय के लोगों की माँग पर इसे खोल दिया, सुरक्षा चिंताओं को हमने ठंढ़े बस्ते में डाल दिया। सुरक्षा को लेकर ये बड़ी चिंता की बात है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास ने कहा है कि राम मंदिर निर्माण के लिए फिर से शिलान्यास की जरूरत नहीं है, अब सिर्फ भूमिपूजन होगा जिसके लिए मोदी ने आने का वादा किया है।
राजपथ के हुनर हाट स्थित जिस लिट्टी चोखा स्टाल पर मोदी ने लिट्टी चोखा का स्वाद लिया था, उस गुमनाम पड़े स्टॉल में आज भीड़ समाए नहीं समा रही। वहीं कर्नाटक के रायचूर स्थित जिस पकौड़े वाली दुकान पर राहुल ने पकौड़े खाए थे, उस पर लगा ताला, सोशल मीडिया पर लोगों ने लिए मजे।
"राम मंदिर निर्माण में अगर और भी जमीन की जरूरत होगी तो जमीन ली जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार को लिखा जाएगा। जो पत्थर राम मंदिर के लिए रखे गए हैं, उन्हीं पत्थरों का इस्तेमाल निर्माण के लिए किया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो और भी पत्थर मँगाए जा सकते हैं।"
शाहीन बाग़ के लोग तो अब मनुवादी होते हुए कह रहे हैं, "हम देवता हैं, आकर हमारी पूजा करो तो हम मान जाएँगे। लेकिन आकर पूजा तो करो।" और प्रधानमंत्री के समर्थक उन्हे बार बार कह रहे हैं, "बुलाती है, मगर जाने का नहीं।"
एक नजर में कोई भी इस फोटो के झूठ को कैप्शन देखकर सच मान लेगा। लेकिन उसी समय की वास्तविक तस्वीर को देखा जाए तो, पता चलेगा कि गिरोह का प्रोपगेंडा 10 मिनट से ज़्यादा नहीं चल पाता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बुधवार को दिल्ली के राजपथ पर हुनर हाट पहुँचे। इसकी जानकारी अपने ट्विटर एकाउंट पर शेयर करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि वो हुनर हाट में न सिर्फ कई कलाकारों से मिले बल्कि वहाँ उन्होंने लिट्टी-चोखा खाया और कुल्हड़ में चाय भी पी।
कश्मीरी छात्रा ने कहा कि चीन में फँसे भारतीय छात्रों को वापस लेकर आना कोई साधारण बात नहीं थी। ये बहुत बड़ी बात है। उसने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब बाहर फँसे कश्मीरियों के लिए सरकार ने इतना बड़ा काम किया है।
राहुल गाँधी ने बेशर्मी से दावा कर दिया कि एक-एक महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट में खड़े होकर मोदी सरकार को ग़लत साबित कर दिया। वे भूल गए कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार नहीं, मनमोहन सरकार लेकर गई थी।
"आज से कुछ सालों बाद 30 करोड़ मुस्लिमों की जनसंख्या बढ़ कर 60 करोड़ हो जाएगी और इस्लाम-मुक्त भारत का सपना देखने वालों के बाल-बच्चे जिन्दा रहे तो वो देखेंगे कि भारत में हर तरफ इस्लामी हुकूमत का ही झंडा लहराएगा।"