सुरक्षा बलों और एजेंसियों की सक्रियता के कारण आतंकी अब तक अपने मंसूबों में नाकाम रहे हैं। लेकिन, राष्ट्रीय सुरक्षा के रणनीतिकारों का मानना है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी गुट ठंड बढ़ने पर हमले की कोशिश करेंगे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुश्ताक इन पोस्टर्स पर हस्ताक्षर करने के लिए एक और नाम - 'बाबर आज़म' का इस्तेमाल कर रहा है। पंजाब के एक सेब व्यापारी, एक ट्रक ड्राइवर और एक मज़दूर को इन आतंकवादियों ने मार डाला। आतंकवादियों ने कम से कम चार खेतों में आग लगा दी।
एडीजी ने बताया, "यह जोड़ी दूसरे देशों से अपने बैंक खातों में पैसा ट्रान्सफर करती थी और बाद में इसे वापस ले लेती थी। फ़हीम इस पैसे को आतंकी गतिविधियों के लिए दिल्ली ले गया था।"
हाल ही में, राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने कोच्चि में अदालत में एक आरोप पत्र दाखिल किया था। जाँच में पता चला कि आरोपित व्यक्ति बहरीन के अल अंसार केंद्र में आयोजित कक्षाओं में भाग लेता था, जिसके लिंक केरल के सलाफी स्कॉलर से भी थे।
फिरोजपुर के नजदीक हुसैनवाला सीमा के करीब बीएसएफ जवानों ने अभी हाल ही में एक ड्रोन को सीमा में घुसते देखा था। पंजाब पुलिस के अनुसार अभी हाल ही में एके-47 राइफल्स और ग्रेनेड भारी मात्रा में ड्रोन के जरिए ही अमृतसर भेजे गए थे।
इससे पहले, कश्मीर के अनंतनाग में 5 अक्टूबर को भी आतंकियों ने एक ग्रेनेड हमले की घटना को अंजाम दिया था, जिसमें क़रीब 14 लोग घायल हुए थे। इस हमले में घायल हुए लोगों में एक पत्रकार और एक ट्रैफ़िक पुलिसकर्मी भी शामिल थे।
गिरफ्तार किए गए लोग छह फीसदी कमीशन पर इस काम को अंजाम देते थे। मुमताज, सिराज़ुद्दीन और सदाक़त अली के इशारे पर वे काम करते थे। वे पैसा लाकर बरेली के फ़ईम और सदाकत को देते थे। दोनों पैसा दिल्ली पहुँचाते थे।
अमेरिकी एजेंसी से मिले इनपुट के मद्देनज़र सुरक्षा एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर हैं, जिसमें कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 निष्क्रिय किए जाने के बाद आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISI) प्रायोजित आतंकी हमले हो सकते हैं।
वायु सेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान फिर से बालाकोट में आतंकी शिविरों को शुरू कर रहा है। जरूरत पड़ने पर दोबारा कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम तब भी तैयार थे और आगे भी हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं।