शनिवार को नेपाल की राजधानी काठमांडू में बड़ी संख्या में लोग नक्शे के खिलाफ जगह-जगह सड़कों पर उतर आए और सुबह से ही सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।
सरिता गिरि ने दावा किया कि नेपाल की जनता भी नहीं चाहती है कि नक्शे को लेकर भारत के साथ कोई विवाद हो। उनकी राय थी कि नेपाल का नया नक्शा जारी करने से पहले भारत से बातचीत करनी चाहिए थी।
प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह का इस मामले में कहना है कि नेपाली जमातियों को सपहा क्वारंटाइन केंद्र पर एम्बुलेंस से भेजा गया है। मेडिकल जाँच के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है।
रक्सौल बॉर्डर पर भारतीय सुरक्षा कर्मियों ने जमातियों को रोकने का प्रयास किया था, मगर सभी जमाती जबरन नेपाल की सीमा में प्रवेश कर गए थे। यह सभी जमाती पाकिस्तान, इण्डानेशिया व भारत के थे। जिन्हें सीमा पार के बाद जालिम मुखिया ने शरण दी और उन्हें 10 बाइकों की व्यवस्था करके ले गया।