जॉंच एजेंसी ने कहा कि संदिग्धों से इस मामले में दो आरोपियों से उनके संबंधों के बारे में पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या वे आईएस की किसी गतिविधि में शामिल हैं।
जिहादी बेक्सन की माँ ग्रेसी का कहना है कि उन्हें बेटे बेक्सन और बहू निमिषा के इस्लामी बने रहने से कोई दिक्कत नहीं है, बशर्ते वे शांतिपूर्वक उनके सामने रहें।
एनआइए ने दावा किया कि गगनेजा की हत्या की साजिश पाकिस्तान, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, इटली व यूएई सहित कई देशों में रची गई। साजिश के तहत अपराधियों को इटली, ऑस्ट्रेलिया व यूके से फंडिंग की गई थी। यह फंड हत्याकांड को अंजाम देने के लिए हथियार खरीदने व अन्य सामान खरीदने के लिए इस्तेमाल किया गया।
एनआईए प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान स्थित लश्कर के मुख्यालय से पैसा दुबई भेजा जाता था। दुबई में बैठा हैंडलर हवाला कारोबार के जरिए यह पैसा भारत में भेजता था। इस पैसे को जावेद और उसके साथी लश्कर के नए एजेंट बनाने के लिए प्रयोग करते थे।
NIA ने यह छापेमारी हिन्दू संगठनों के दो नेताओं की हत्या के मामले में की है। जानकारी के अनुसार दोनों ही नेताओं की हत्या की योजना कथित रूप से इस्लामिक स्टेट- स्टाइल ग्रुप ने रची थी, जिसके बाद NIA ने यह छापेमारी की है।
डोभाल ने मीडिया के बारे में कहा, "जब हम नहीं बताते हैं, तो मीडिया अटकलबाज़ी करने लगता है।" उन्होंने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को मीडिया के इस्तेमाल में सक्रिय होने के लिए कहा।
इस बैठक को संबोधित करते हुए एनआईए के डीजी योगेश चंद्र मोदी ने बताया कि उन्हें ज्ञात हुआ है कि बांग्लादेशी आतंकी संगठन जमात उल मुजाहिद्दीन ने बिहार, महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक में अपने सक्रियता बढ़ा दी है।
अलगाववादी यासीन मलिक के ख़िलाफ़ 2017 में टेरर फंडिंग का आरोप है। इसी मामले में कोर्ट ने उसकी न्यायिक हिरासत को 23 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया है। अलगाववादी यासीन मलिक को दिल्ली के तिहाड़ जेल में रखा गया है।
राष्ट्रीय जाँच एजंसी (NIA) के ख़िलाफ़ ग़लत सूचना और भय फैलाते हुए, उन्होंने कहा कि संसद में पारित नए बिल ने NIA को ऐसी शक्तियाँ दी हैं कि अब यह किसी को भी आतंकवादी कह सकते हैं और संदेह के आधार पर उसे जेल में डाल सकते हैं।