NIA की इंटेरोगेशन रिपोर्ट में यह भी पता चला है कि सैयद अली शाह गिलानी, यासीन मलिक, उमर फारूक के रिकमेंडेशन लेटर के जरिए पाकिस्तान लीगल वीजा देकर कश्मीर के युवाओं को पाक में आतंक की ट्रेनिंग देता था। अब राष्ट्रीय आतंक विरोधी कानून (UAPA) के तहत इन नेताओं के खिलाफ NIA चार्जशीट दाखिल करेगी। इसके लिए NIA ने 214 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है।
आरोपित जसीम ने पीड़िता को नशीला पेय पदार्थ पिलाकर उसके साथ तब तक बलात्कार किया जब तक वह बेहोश नहीं हो गई और उसके बाद उसने पीड़िता की अश्लील तस्वीरें लीं। वह उन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देकर उस पर इस्लाम कबूल करने के लिए दबाव डालने लगा।
वीडियो और अन्य प्रोपेगंडा के ज़रिए लोगों को बरगलाने के अलावा अपने समर्थकों से विस्फ़ोटकों, विष, चाकुओं और वाहनों के ज़रिए जिहाद करने की अपील की जा रही थी।
एनआईए ने जैश के चारों सदस्यों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B और 121A और अनलॉफुल एक्टीविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (यूएपीए) की अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया है।
पुलिस ने बताया कि आतंकी असदुल्लाह शेख के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे कल अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ उसकी ट्रांजिट रिमांड माँगी जाएगी।
हाल में बिहार के गया से JMB का कुख्यात आतंकी एजाज़ अहमद गिरफ़्तार किया गया था। उसके पास से भारी मात्रा में जिहादी दस्तावेज़ मिले थे। वह अरसे से गया में वेश और नाम बदलकर रह रहा था। सूत्रों ने बताया की वह बड़े हमले की फ़िराक में था।
इस मामले में 31 लोग आरोपी हैं। इनमें से 19 ने 12 अगस्त को अदालत के सामने अपना जुर्म कबूल करने की इच्छा जताई थी। इन्होंने बुधवार को अपना कबूलनामा अदालत में दाखिल कर दिया। इन्हें शुक्रवार को सजा सुनाई जाएगी।
मुंबई हमलों का साज़िशकर्ता हाफिद सईद द्वारा संचालित संस्था फलाह-ए-इंसानियत के डेप्युटी चीफ शाहिद महमूद और अन्य लोगों के खिलाफ एनआईए ने पिछले वर्ष मामला दर्ज किया था। टेरर फंडिंग के मामले में रिश्वत की माँग की गई थी।
कुछ दिन पहले जाँच एजेंसी को शेख के इंदौर के आजाद नगर थाना क्षेत्र के कोहिनूर कालोनी में होने की खबर मिली। जब जाँच की गई तो पता चला आतंकी वहाँ रहकर मजदूरी करता है। जिसके बाद एजेंसी के अधिरापी भी सब्जी वाले की वेशभूषा में आकर उसकी धड़-पकड़ में जुट गए।
जाँच एजेंसी ने बर्दवान धमाके को भारत में JMB की बड़ी साज़िश का हिस्सा बताया था। उसके मुताबिक भारत में लोगों को उग्रवाद की ओर मोड़ने, उनकी JMB में भर्ती और उन्हें ट्रेनिंग और हथियार मुहैया कराने के मकसद से हो रहे इस ऑपरेशन का अंतिम ध्येय भारत और बांग्लादेश में आतंक फ़ैलाने और इन देशों की लोकतान्त्रिक ढंग से चुनी गई सरकारों के खिलाफ जंग छेड़ना था।