शाह ने उदाहरण देते हुए कहा कि समान विषय पर नीलगिरि के सांसद ए राजा ने भी अपनी बातें रखी और भाजपा नेता सत्यपाल सिंह भी उसी विषय पर बोल रहे थे। उन्होंने सलाह दी कि जब कोई अपनी बात रख रहा हो तो उसके बीच में नहीं बोला जाना चाहिए।
नारेबाजी के दौरान राहुल गाँधी की माताजी सोनिया गाँधी भी सदन में मौजूद थीं। राहुल गाँधी को भी अपने स्थान पर बैठकर 'वी वांट जस्टिस' कहते सुना गया। उनके साथ ही सदन में कॉन्ग्रेस सदस्य 'वी वांट जस्टिस', 'लोकतंत्र की हत्या बंद करो', 'शिकार की राजनीति बंद करो' के नारे लगा रहे थे।
"हम दिन-रात इसलिए मेहनत नहीं कर रहे कि ऐसी हरकत की जाए। किसी का बेटा होने का ये मतलब नहीं कि मनमानी की छूट होगी। जेल से छूटने के बाद स्वागत में जो लोग गए थे, उनको बाहर किया जाए, पूरी यूनिट भंग की जाए।"
अधीर रंजन चौधरी अपनी बात रखते हुए भाषा पर नियंत्रण नहीं रख पाए। इस दौरान उन्होंने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने इंदिरा गाँधी की तुलना माँ से किया तो वहीं पीएम मोदी के लिए गंदी नाली शब्द का इस्तेमाल किया।
स्वरोजगार के लिए लगभग 19 करोड़ लोगों को लोन दिए गए हैं। इस योजना का विस्तार करते हुए अब 30 करोड़ लोगों तक इसका लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा। इसका मतलब यह हुआ कि मुद्रा लोन का अब 11 करोड़ अतिरिक्त लोगों तक फायदा पहुँचने की उम्मीद है।
प्रमुख विपक्षी पार्टी का अध्यक्ष होने के नाते राष्ट्रपति की बातों को सुन कर चर्चा में सक्रियता से हिस्सा लेना कैसे संभव हो पाएगा, जब वह अभिभाषण में क्या कहा जा रहा है, यह सुने ही नहीं? राहुल गाँधी से सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल किया कि वह अपना दायित्व भूल कर फोन में क्यों लगे हुए हैं?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शपथ ग्रहण के दौरान विपक्षी नेताओं को रोक-टोक किए जाने को अनुचित ठहराया। उन्होंने कहा, "हम संसद को नियमों के तहत चलाने की कोशिश करेंगे। 'जय श्री राम', 'जय भारत', 'वन्दे मातरम', यह सब पुराने मुद्दे हैं।"
शपथ के दौरान हुई नारेबाजी पर ओवैसी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये अच्छी बात है कि भाजपा को उन्हें देख राम की याद आई। उम्मीद है भाजपा वालों को संविधान और मुजफ्फरपुर में बच्चों की होती मौत याद रहेगी।
पहले दिन सांसदों ने जम कर 'भारत माता की जय' के नारे लगाए और जब आसनसोल से चुने गए बाबुल सुप्रियों ने शपथ लिया, तब सदन में 'जय श्री राम' के नारे गूँजे। अभी तक विपक्षी पार्टी कॉन्ग्रेस ने सदन में अपने नेता के नाम की घोषणा नहीं की है।