खास बात ये है कि ये सम्मान प्रधानमंत्री को उस समय मिला है जब भारत लगातार आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को दरकिनार कर रहा है। ये सम्मान दर्शाता है कि मोदी कार्यकाल में मुस्लिम देशों के साथ भारत के रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत हो रहे हैं।
बहरीन का यह मंदिर भारतीयों सहित विदेशियों के भी आकर्षण का केंद्र है। मंदिर की कलाकृति काफी प्रसिद्ध है। पुनर्निर्माण के बादइस मंदिर में 80 फीसदी हिस्से में श्रद्धालु घूम सकेंगे और भगवान कृष्ण की प्राचीन प्रतिमा के दर्शन कर सकेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस से रवाना होने के बाद ट्वीट करके बताया कि उनका फ्रांस दौरा काफी सफल रहा। उन्होंने कहा कि इस दौरान दोनो देशों के बीच अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत हुई। यह बातचीत आपसी सहयोग को बढ़ाएगी और नए मौके देगी।
पिछले दिनों जयराम रमेश ने कहा था कि पीएम मोदी के शासन का मॉडल पूरी तरह नकारात्मक गाथा नहीं है। उनके काम को स्वीकार नहीं करना और हर समय खलनायक की तरह पेश कर कुछ हासिल नहीं होने वाला है। सिंघवी और थरूर ने उनके बयान का समर्थन किया था।
भूटानी प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग के फेसबुक पोस्ट को याद करते हुए मोदी ने कहा कि इसने उनके दिल को छू लिया। इस पोस्ट में शेरिंग ने उनकी पुस्तक ‘एग्ज़ाम वारियर्स’ का उल्लेख किया था। मोदी ने बताया कि यह पुस्तक उन्होंने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं से प्रेरित होकर लिखी थी।
ओवैसी ब्रीड के तमाम नेता हमेशा भीम-मीम से लेकर तमाम अदरक-लहसुन करते रहते हैं। और सबके केन्द्र में यही बात होती है कि देखो हिन्दू तुमको काटने की तैयारी में है, तुम्हारे बकरीद का बकरा छीन लेगा, तुम्हें अब बच्चे पैदा नहीं करने देगा, तुम्हारे बच्चों को नपुंसक बना देगा।
तुष्टीकरण और वोटबैंक की राजनीति करने वाले दलों के लिए 370 के उन्मूलन का विरोध सैद्धांतिक नहीं, अपितु अवसरवादी और पोल खुलने के भय से उपजा है। क्योंकि वे जानते हैं कि जम्मू-कश्मीर से इस कलंक के समाप्त होने के बाद अब वहाँ निजी निवेश के द्वार खुल जाएँगे, जिससे वहाँ विकास की संभावना बढ़ेंगी।
मैन वर्सेज वाइल्ड ने सुपर बाउल को पीछे छोड़ दिया है। रिकॉर्ड की बात करें तो अब तक इस शो को लेकर 3.6 बिलियन (360 करोड़) लोग चर्चा कर चुके हैं और यह लगातार जारी है। इस तरह इस शो ने सुपर बाउल शो को पीछे छोड़ दिया, जिसकी रेटिंग 3.4 बिलियन थी।
"हमें जल संरक्षण के प्रयासों में अधिक तेजी लानी होगी। पानी के क्षेत्र में पिछले 70 साल में जो काम हुआ, 5 सालों में उससे चार गुना काम करना है। केंद्र और राज्य साथ मिलकर इस दिशा में काम करेंगे।”
कारगिल युद्ध के बाद जब 2001 में तत्कालीन डिप्टी पीएम लाल कृष्ण अडवाणी की अध्यक्षता में गठित ग्रुप ऑफ़ मिनिस्टर्स (GOM) ने समीक्षा की तो पाया कि तीनों सेनाओं के बीच समन्वय की कमी रही है। तब इस बात पर ग़ौर किया गया कि...