हर एक परिवार से कम से कम एक व्यक्ति को प्रदर्शन में दिल्ली पहुँचने का फरमान दिया गया है। ऐसा न करने पर जुर्माने और गाँव-समाज से बहिष्कार की धमकी दी गई है।
वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।
शूटिंग के लिए पहुँची जाह्नवी कपूर को किसान प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया और जब उन्होंने किसान आंदोलन के पक्ष में पोस्ट शेयर किया, तभी शूटिंग शुरू हो सकी।
सरकार मुख्तार को लाने के लिए कानूनी विकल्पों का सहारा ले रही है। मुख्तार अंसारी को यूपी लाने के लिए गाजीपुर से 3 पुलिसकर्मियों को चंडीगढ़ रवाना किया गया है।
रिलायंस ने इससे पहले कोर्ट में अपनी याचिका दायर करते हुए हस्तक्षेप की माँग की थी। साथ ही कहा था कि तोड़फोड़ की इन गैर कानूनी घटनाओ को पूरी तरह से रोका जाए।