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‘दिल्ली पुलिस आए तो पूरा गाँव जुट जाओ, उन्हें घेर लो’: किसान नेताओं की चुनौती – गिरफ्तार कर के दिखाओ

"दिल्ली के पुलिसकर्मी अगर पंजाब के गाँवों में दिख जाएँ तो पूरे गाँव को इकट्ठा कर के उनका विरोध करना है। उन्हें घेर लीजिए।"

अब किसान नेताओं ने खुलेआम पुलिस के खिलाफ लोगों को भड़काना शुरू कर दिया है। ये सब तब हो रहा है, जब गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ‘ट्रैक्टर रैली’ के नाम पर हुई हिंसा में 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। अब जब दिल्ली की सीमाओं से किसान लौटने लगे हैं तो आंदोलनकारी नेता बौखला गए हैं। किसान नेता जोगिंदर सिंह उग्रहान ने लोगों को भड़काते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस का घेराव करें।

किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस किसानों को परेशान करने के लिए झूठे नोटिस भेज रही है। साथ ही सभी किसानों से अपील की गई कि वो दिल्ली पुलिस के साथ बिलकुल भी सहयोग न करें। उग्रहान ने कहा, “हमारे संगठन से किसी को भी गिरफ्तार करना बहुत मुश्किल है। अगर सरकार इस तरह कार्रवाई करती है तो ये ठीक नहीं होगा।” उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को सब पहले से ही पता है और चुनौती दी कि दिल्ली पुलिस लोगों को गिरफ्तार कर के दिखाए।

साथ ही लोगों को भड़काते हुए कहा कि अगर पुलिसकर्मी उन्हें गिरफ्तार करने आते हैं तो उनका घेराव करें। उन्होंने कहा कि जितने भी नोटिस जारी किए गए हैं, वो सब गलत हैं। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने भी कहा कि दिल्ली के पुलिसकर्मी अगर गाँवों में आते हैं तो उन्हें घेर लीजिए। पंजाब के बरनाला में आयोजित किसान महारैली में किसानों को जम कर उकसाया गया।

राजेवाल ने कहा कि दिल्ली के पुलिसकर्मी अगर पंजाब के गाँवों में दिख जाएँ तो पूरे गाँव को इकट्ठा कर के उनका विरोध करना है। इस रैली के आयोजनकर्ताओं में ‘पंजाब खेत मजदूर संघ’ भी शामिल था। हरियाणा बीकेयू के प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी ने भी इसी तरह की अपील की है। राजेवाल ने पुलिस के समक्ष पेश न होने की भी अपील की। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ‘किसान आंदोलन’ से डरी हुई है।

उधर राकेश टिकैत को महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में एक मेगा रैली करनी थी। हालाँकि, एक अज्ञात फर्जी कॉल की वजह से बक्कल उतारने की धमकी देने वाले किसान नेता को अपनी यात्रा को मजबूरन रद्द करना पड़ा। दरअसल, फर्जी कॉल करने वाले ने खुद को SP बताया और यहाँ आने पर उन्हें 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रखने की चेतावनी दी थी। अब वो गुजरात और बंगाल जाने की बातें कर रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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