कभी वो बच्ची अमीना थी, कभी शबाना, आलिया, रुखसाना या कोई और हो जाएगी। सवाल ये है कि निकाह के नाम पर लड़कियों के भविष्य से ये खिलवाड़ बंद क्यों नहीं होता?
लव जिहाद को लेकर आज भी जिन लोगों के मन में संदेह उत्पन्न होता है या इतने मामले पढ़ने के बाद भी उन्हें लगाता है कि ये सब समाज का ही हिस्सा है तो उन्हें इन केसों में कुछ खास बिंदुओं पर गौर करने की आवश्यकता है।