हिमाचल प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार के मंत्री विक्रमादित्य सिंह अयोध्या जाएँगे। उन्होंने कहा है कि एक हिंदू होने के नाते प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होना उनकी जिम्मेदारी है।
22 जनवरी 2024 को अयोध्या के भव्य राम मंदिर में भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होगी। बीजेपी के वयोवृद्ध नेता लाल कृष्ण आडवाणी भी इस अवसर के साक्षी बनेंगे।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि श्री राम मंदिर के निमंत्रण को ठुकराना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और आत्मघाती फ़ैसला है। अर्जुन मोधवाडिया बोले - राम आराध्य देव।
नेहरू से लेकर सोनिया तक कॉन्ग्रेस हिंदू घृणा में सनी रही। फिर भी राम की मर्यादा का पालन कर उसके नेताओं को न्योता दिया गया। पर उसने वही चुना जो उसकी नियति है।
इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनते हुए यूरोप के लोग पेरिस में 'राम रथ यात्रा' में भाग लेंगे और एफिल टॉवर के पास प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखेंगे।
वैष्णव समाज में रामानुज की परंपरा में ही संत रामानंदाचार्य हुए, जिन्होंने विशिष्टाद्वैत सिद्धांत को आगे बढ़ाया। अहं का त्याग और समर्पण - रामानंदी भक्ति धारा इन्हीं पर आधारित है। रामलला एक बालक हैं, इसीलिए संरक्षक बन कर पुजारी पूजा करेंगे।