आरोपित ने कथित तौर पर महिला का गुप्त तरीके से नहाते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया था। जिसके बाद महिला ने उससे वीडियो हटाने को कहा, मगर जब टोंडे ने नहीं सुनी तो महिला ने एक शिकायत दर्ज करवाई और पुलिस द्वारा उसको गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ दिन पहले वह जमानत पर छूटा, तो...
2017 में यौन हिंसा के 2936 और 2018 में 3045 मामले सामने आए। बलात्कार के प्रयास की 587 शिकायतें मिली। उत्पीड़न के अन्य मामले बिना सहमति के छूने और चुंबन से संबंधित हैं।
“यह प्रियंका की सुरक्षा के लिए नहीं है और ना ही मेरी बेटा-बेटी या फिर गाँधी परिवार के लिए है। यह हमारे नागरिकों के लिए है विशेषकर देश की महिलाओं को सुरक्षा देने की बात है ताकि वो खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। देश भर में महिलाओं को सही तरीके से सुरक्षा नहीं मिल रही है…"
वडाला की 17 वर्षीय बीकॉम की छात्रा को हुसैनकार 30 नवंबर की शाम से ही लगातार वीडियो कॉल कर के परेशान कर रहा था। शुरुआत में उस लड़की ने अनजान नंबर होने के कारण कॉल नहीं उठाया। जब उसने कॉल उठाया तो हुसैनकार उसे अपने गुप्तांग दिखाने लगा।
चर्च की सामुदायिक सेवाओं के दौरान सहयोग करने तीन युवकों ने पादरियों पर लगाए यौन शोषण के आरोप। इनका शोषण अस्सी के दशक में किया गया जब उनकी उम्र 10 से 14 साल के बीच थी।
10 नवंबर की शाम करीब 6 बजे दोनों बच्चियाँ अपने घर के बाहर खेल रही थीं। चाँदबाबू उन्हें ईद का जश्न दिखाने के बहाने अपने साथ ले गया। फिर पब्लिक टॉयलेट में दोनों के साथ उसने बलात्कार किया।
इसी साल की शुरुआत में कई नन महिलाओं द्वारा ईसाई मिशनरियों में होने वाले शारीरिक शोषण को लेकर कई खुलासे किए गए थे जिसके बाद खुद पोप फ्रांसिस ने भी इस बात को स्वीकार किया था कि बहुत से बिशप-पादरियों ने कई नन महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया ।
बुधवार को हुई छापेमारी में पुलिस ने 500 बच्चों और पुरुषों को आजाद करवाया। इनमें से अधिकतर को जंजीरों से बाँधकर रखा गया था। इनका यौन शोषण किया जाता था। इनसे मारपीट की जाती थी। इसके अलावा इन्हें हर अकल्पनीय प्रताड़ना दी जाती थी।
दलित बच्ची अपने भाई के साथ मंदिर जा रही थी। तभी 4-5 लोगों ने पहले लड़की के भाई को पकड़ा और फिर लड़की से छेड़खानी करने लगे। एक लड़का पीड़िता का दुपट्टा खींचते हुए कपड़े उतारने को भी बोलता है। उन्होंने मोबाइल से पूरी घटना की रिकॉर्डिंग भी की।
"चिन्मयानंद ने उसका बलात्कार किया और जब उसने खुद को बचाने का प्रयास किया तो चिन्मयानंद द्वारा उसके कपड़े फाड़ दिए गए। चिन्मयानंद के आश्रम के सुरक्षा गार्ड सहित 4 लोगों ने इस बात की पुष्टि की है कि..."