महाविकास अघाड़ी सरकार ने राज्यपाल से सीधे जनता से सरपंच चुनने के पूर्ववर्ती सरकार के निर्णय को रद्द कर ग्राम पंचायत सदस्यों में से सरपंच चुनने संबंधी अध्यादेश जारी करने की शिफारिस की थी। जिसे राज्यपाल ने खारिज कर दिया।
जिन्होंने राम मंदिर बनवाने के लिए अपनी जाने गवाईं, उनके नाम पर शहीद स्मारक बननी चाहिए। इन 'शहीदों' के लिए श्रद्धांजलि के रूप में सरयू तट पर एक स्मारक बनवाया जाना चाहिए। अमर जवान की तरह इन शहीदों के नाम भी अमर जवान ज्योति के समान लिखा जाना चाहिए।
इस्तीफा देने वाले नेता हैं- सांसद अरविंद सावंत और विधायक रविंद्र वायकर। सावंत को उद्धव ने राज्य की संसदीय समन्वय समिति का प्रमुख नियुक्त किया था। वायकर मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रमुख समन्वयक बनाए गए थे।
उद्धव ने कहा है कि CAA और NRC दोनों अलग है। यदि CAA लागू होता है तो इसके लिए किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। लेकिन, पवार ने इसे खारिज करते हुए कहा है कि एनसीपी इसके खिलाफ है।
आरा में हुए पथराव के बाद कन्हैया कुमार को जान बचाकर भागना पड़ा। इस दौरान उनके काफिले में शामिल वाहनों ने कई लोगों को कुचल दिया था। हमले के सिलसिले में शिवसेना के महासचिव विक्रमादित्य और संजय गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है।
उद्धव के अनुसार उन्होंने पिता से किया वादा पूरा करने के लिए कॉन्ग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाई है। इसके लिए उन्होंने किसी भी हद तक जाने का फैसला किया था, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भविष्य में बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे।
सरकार के मंत्री और कॉन्ग्रेस नेता असलम शेख ने कहा कि यह MVA के सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम का एक हिस्सा था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुस्लिमों के लिए नौकरियों और प्रमोशन में आरक्षण शिवसेना के नेतृत्व वाले महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (MVA) सरकार के एजेंडे में है।
सोनिया ने पार्टी नेताओं को स्पष्ट कह दिया था कि जब भी ऐसा लगे कि सरकार कॉन्ग्रेस के बनाए दिशानिर्देशों के अनुरूप काम नहीं कर रही है, पार्टी शिवसेना से अपना समर्थन वापस ले लेगी। सोनिया के आदेश के बाद उद्धव से लिखित आश्वासन लिया गया, तभी महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार बन पाई।
राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की सक्रियता ने शिवसेना की नींद उड़ा दी है। पार्टी के मुखपत्र दोपहर का सामना के संपादकीय में कहा गया है, "देश में घुसे पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मुस्लिमों को निकालो। उन्हें निकालना ही चाहिए, इसमें कोई दो राय नहीं।"
महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई तरह की सियासी हलचल शुरू हो गई है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने बाला साहब की जयंती पर पार्टी के पहले अधिवेशन में पार्टी का भगवा झंडा लॉन्च कर दिया है। इतना ही नहीं राज ठाकरे ने अपने बेटे अमित ठाकरे को सक्रीय राजनीति में उतार दिया है। इस दौरन समर्थक जय शिवाजी, जय भवानी के नारे लगाते हुए जोश में दिखाई दिए।