एक ओर जहाँ विश्व भर में टिकटॉक का खुमार युवाओं में व्यापक स्तर पर चढ़ चुका है कि वो टिकटॉक पर आने वाले हर चैलेंज को अपनी कलाकारी से पूरा करने की कोशिश करते हैं, वहाँ पर ऐसी वीडियो चैलेंज बनाकर डालना कहाँ की समझदारी है? हम मानें या न मानें लेकिन टिकटॉक ने जहाँ लोगों की प्रतिभा को लोगों तक पहुँचने का मंच दिया है, वहीं धूर्त लोगों को भी सामने लाकर रख दिया है।
इशिता ने राहुल गाँधी पर तंज कसते हुए यह ट्वीट किया है। इसी ट्वीट के अन्य कमेंट में उन्होंने लिखा है कि उम्मीद है, वो सिसोदिया को पीकर मैसेज नहीं भेजेंगे। दरअसल, ड्रंक टेक्स्ट का इस्तेमाल अक्सर लोग शराब पीने के बाद पुरानी प्रेमिका को भेजे गए सन्देश के रूप में करते हैं।
दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों की सच्चाई को सामने लाने का जो प्रयास ऑपइंडिया ने अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए किया, उसे एक ओर जहाँ बड़े वर्ग का स्नेह और सहानुभूति मिली, वहीं दूसरी ओर एक वर्ग ऐसा भी था जिसे दंगों के इस पहलू के सामने आने से परेशानी भी हुई।
सोशल मीडिया पर चाँदबाग की वो वीडियो सैलाब की तरह तैर रही है, जिसमें मुस्लिम महिलाओं ने पुलिस अधिकारियों पर पत्थर से हमला कर उन्हें घायल किया। लेकिन, इसके बाद भी सुशांत सिंह पूछते हैं कि दिल्ली की हिंसक भीड़ में औरतें थीं क्या? मैंने तो नहीं सुना। सोचिए कितना शर्मसार करने वाला है सुशांत का ये ट्वीट।
कोलकाता के रबींद्र भारती विश्वविद्यालय की तरह मालदा की चार छात्राओं ने रबींद्र नाथ ठाकुर के गीत को विकृत करके अश्लील विडियो बनाया। विडियो स्कूल परिसर में बनाया गया है, जिसमें स्कूल ड्रेस में छात्राओं को अश्लील गीत गाते देखा जा सकता है।
पीएम मोदी के सोशल मीडिया अकाउंट से विदा लेने के बाद सबसे पहला ट्वीट स्नेहा मोहनदास का आया। उन्होंने लिखा- मैं स्नेहा मोहनदास हूँ। अपनी माँ से प्रेरित होकर, जिन्होंने बेघरों को खाना खिलाने की आदत डाली, मैंने फूडबैंक इंडिया नाम से पहल शुरू की है।
होली के नाम पर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ किया जाता है। ‘होली है’ कहना युद्ध की तरह लगता है। होली में ऊँची जाति वाले निचली जातियों की महिलाओं का यौन उत्पीड़न करते हैं। ये चुनिंदा प्रोपेगेंडा हैं जिनके सहारे हिंदू त्योहार की छवि धूमिल करने का प्रपंच रचा जा रहा है।