Friday, April 19, 2024
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जनता कर्फ्यू: जब एक घंटे के लिए पूरा देश मंदिर में तब्दील हो गया

जो चेहरे अक्सर सरकार विरोधी कुतर्कों के द्वारा चर्चा में बने रहते थे, वो भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समर्थन में देखे गए। इनमें 'पत्रकार' दम्पति राजदीप-सागरिका से लेकर शेहला रशीद और शरद पवार तक हैं।

कोरोना के भय से जब सब लोग त्रासद थे, अखबार, सोशल मीडिया और टेलीविजन पर लॉकडाउन की खबरों ने सबको निराश कर दिया था। ऐसे में जनता कर्फ्यू के एक घंटे ने मानो हर एक में नई ऊर्जा का संचार कर दिया। मानो लोग पीएम मोदी की बात का बस इन्तजार भर कर रहे थे।

22 मार्च की सुबह से ही जनता कर्फ्यू के सन्नाटे के बावजूद भी सुबह कुछ लोगों ने आरती और शंख ध्वनियाँ शुरू कर दी थीं लेकिन शाम पाँच बजते ही मानो पूरा भारत एक मंदिर में तब्दील हो गया। यह पल इतना भावुक कर देने वाला था कि जिन लोगों ने यह पल महसूस किया है वो शायद ही कभी इसे भूल पाएँगे। शायद ही कोई ऐसा रहा हो, जिसकी आँखों में इस ऐतिहासिक पल के बाद आँसू नहीं आए होंगे।

रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान शाम के पाँच बजते ही लोग घरों से बाहर निकले। जहाँ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से थाली, घंटी आदि बजाने की बात कही थी, वहीं लोगों ने अपनी धार्मिक आस्था और विश्वास के साथ शंख ध्वनियों से जनता कर्फ्यू में अपनी उपस्थिति दर्ज की।

सोशल मीडिया पर इस एक घंटे के बीच जो कुछ देखा गया, उस पर एक नजर-

सोशल मीडिया पर जनता ने बढ़-चढ़कर अपने राज्य, इलाके गाँव और शहर के विडियो ट्वीट किए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घंटी बजाकर जनता कर्फ्यू में अपना योगदान दिया।

ट्विटर पर कुछ ऐसे भावुक करने वाले विडियो भी लोगों द्वारा शेयर किए गए, जिन्होंने गरीबी और अक्षमता के बावजूद भी जनता कर्फ्यू के दौरान कोरोना से लड़ रहे लोगों के उत्साह वर्धन के लिए तालियाँ बजाई। इस विडियो में एक गरीब व्यक्ति को सड़क पर तालियाँ बजाते हुए देखा जा रहा है।

हाल ही में मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार की नाक में नकेल कसकर भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी तालियाँ बजाते हुए अपना विडियो ट्वीट किया।

मोदी-विरोधी गिरोह के अग्रणी ‘पत्रकार’ दम्पति राजदीप सरदेसाई और उनकी पत्नी सागरिका घोष भी तालियों के जरिए जनता-कर्फ्यू में उपस्थिति दर्ज करते हुए देखे गए। सागरिका घोष ने विडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि कोरोना के दौरान लोगों की मदद कर रहे डॉक्टर्स के लिए घंटी और तालियाँ सुनाई दे रही हैं, और मेरा बेटा भी उन डॉक्टर्स में से एक है।

लेकिन सबसे ज्यादा हैरान कर देना वाला नजारा कुछ विरोधी दलों और लेफ्ट-लिबरल वर्ग को भी तालियाँ और घंटी बजाते हुए देखना था। महाराष्ट्र में एनसीपी नेता शरद पवार भी ऐसे ही कुछ लोगों में से एक थे। ANI ने एक विडियो शेयर किया जिसमें, शरद पवार को तालियाँ बजाकर अपना समर्थन देते हुए देखा गया है।

शाम 5 बजे पाँच मिनट तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, राकांपा प्रमुख शरद पवार समेत कई सेलेब्रिटीज ने भी अपने परिवार के साथ मिलकर कोरोना मरीजों की सेवा में लगे डॉक्टर्स, नर्स, स्वास्थ्यकर्मी और अन्य सहयोगियों के लिए तालियाँ बजाई।

कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई के दौरान लेफ्ट-लिबरल वर्ग का एक ऐसा चेहरा भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समर्थन में देखा जा रहा है, जो अक्सर सरकार विरोधी कुतर्कों के द्वारा ही सनसनी बटोरते हुए देखा जाता था, वह चेहरा कोई और नहीं बल्कि जेएनयू की पूर्व छात्र नेता शेहला रशीद हैं।

शेहला रशीद ने ट्विटर पर लिखा- “भारत भर के घरों की बालकनियों पर शाम 5 बजे सर्वसम्मति से जयकार बताता है कि नरेंद्र मोदी का शब्द कानून बन चुके हैं। उन्हें अपनी इस ताकत का प्रयोग लोगों को स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों का सख्ताई से पालन करने के लिए करना चाहिए। आम तौर पर, मैं उनकी प्रशंसक नहीं हूँ, लेकिन इस बार हमें इसकी आवश्यकता है।” हालाँकि ट्वीट में एक आखिरी लाइन में उन्होंने अपनी लेफ्ट-लिबरल विचारधारा का इस्तेमाल करने से वो खुद को नहीं रोक पाई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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