Friday, June 25, 2021
Home देश-समाज सावधान: सोशल मीडिया पर कोरोना संबंधी अफवाह फैलाया तो... 6 महीने के लिए जाएँगे...

सावधान: सोशल मीडिया पर कोरोना संबंधी अफवाह फैलाया तो… 6 महीने के लिए जाएँगे जेल

इस धारा के तहत 6 महीने की जेल हो सकती है। एडवाइजरी में कहा गया है कि ऐसा करना इसलिए आवश्यक है ताकि कोरोना को लेकर अनौपचारिक जानकारी और तेजी से फैल रही अफवाहों पर विराम लगाया जा सके, उसे रोका जा सके।

महामारी घोषित हो चुके कोरोना वायरस का कहर दुनिया भर में लगातार बढ़ता ही जा रहा है। कोरोना वायरस की चपेट में दुनिया भर के साढ़े तीन लाख से ज्यादा नागरिक आ चुके हैं। इनमें से 16491 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 1 लाख 337 लोग ठीक हो चुके हैं जबकि 11204 की हालत बेहद गंभीर है। एहतियात के तौर पर भारत सहित विश्व के कई देशों ने बड़े हिस्सों में लॉकडाउन कर दिया है, इस वजह से करीब 100 करोड़ लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं।

वहीं भारत की बात करें तो यहाँ कोरोना के 451 मामले सामने आए हैं। 9 लोगों की इस संक्रमण से मौत हो चुकी है। भारत में अभी यह महामारी सिर्फ दूसरे चरण तक पहुँची है। भारत सरकार यह कोशिश है कि यह तीसरे चरण यानी कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन तक न पहुँचे। भारत की सरकार पूरी ताकत के साथ कोरोना वायरस के साथ जंग लड़ रही है।

सरकार इससे निपटने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है, देश भर में चिकित्सा सेवाएँ तेज कर दी गई है। जगह जगह अस्पतालों में इसके लिए आइसोलेश वार्ड बनाए गए हैं। इस बीच इसको लेकर अफवाहों का बाजार भी गर्म है। सोशल मीडिया से लेकर प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के माध्यम से बिना किसी आधार के, बिना किसी पुष्टि के कई अफवाहें फैलाई जा रही है। जिसकी वजह से जनता के मन में काफी संशय पैदा हो रहा है और इस घातक बीमारी पर नियंत्रण करना काफी मुश्किल साबित हो रहा है, क्योंकि इस बीमारी से निपटना जनता के सहयोग के बिना संभव नहीं है। 

इस मामले को उड़ीसा, असम, महाराष्ट्र और गुजरात समेत लगभग सभी राज्यों ने गंभीरता से लिया है और एक विज्ञप्ति जारी किया। इसमें साफ-साफ कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति, संस्था या संगठन कोरोना वायरस से संबंधित कोई भी जानकारी बिना तथ्य का पता लगाए या फिर DMET, DPH, DHS या कलेक्टर की पूर्व मंजूरी के बिना प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मीडिया पर नहीं डालेगा। अगर कोई इसका उल्लंघन करता है, तो उसे दंडनीय अपराध माना जाएगा और उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि इस धारा के तहत 6 महीने की जेल हो सकती है। एडवाइजरी में कहा गया है कि ऐसा करना इसलिए आवश्यक है ताकि कोरोना को लेकर अनौपचारिक जानकारी और तेजी से फैल रही अफवाहों पर विराम लगाया जा सके, उसे रोका जा सके।

आगे विज्ञप्ति में कहा गया है कि किसी भी निजी प्रयोगशालाओं को कोरोना वायरस के परीक्षण की अनुमति नहीं है। कोरोना वायरस का परीक्षण करने के इच्छुक निजी स्वास्थ्य संस्थानों को राज्य IDSP इकाई के माध्यम से अपने परीक्षण नमूने भेजने होंगे। इसके बाद राज्य IDSP इकाई भारतीय स्टेट काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा जारी गाइडलाइन के हिसाब से परीक्षण की व्यवस्था करेगी। 

इसके साथ ही इसमें यह भी कहा गया है कि अगर किसी व्यक्ति ने पिछले 14 दिनों में ऐसे किसी देश की यात्रा की है, जहाँ पर कोरोना वायरस के केस पाए गए हैं, तो उसे स्वेच्छा से राज्य नियंत्रण कक्ष, राज्य निगरानी अधिकारी, IDSP या फिर टोल फ्री नंबर 104 पर रिपोर्ट करना चाहिए, ताकि  DMET, DPH, DHS और कलेक्टर द्वारा माले पर संज्ञान लिया जा सके।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चित्रकूट का पर्वत जो श्री राम के वरदान से बना कामदगिरि, यहाँ विराजमान कामतानाथ करते हैं भक्तों की हर इच्छा पूरी

भगवान राम ने अपने वनवास के दौरान लगभग 11 वर्ष मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित चित्रकूट में गुजारे। चित्रकूट एक प्रमुख तीर्थ स्थल माना जाता है...

फतेहपुर के अंग्रेजी मीडियम स्कूल में हिंदू बच्चे पढ़ते थे नमाज: महिला टीचर ने खोली मौलाना उमर गौतम के धर्मांतरण गैंग की पोल

फतेहपुर के नूरुल हुदा इंग्लिश मीडियम स्कूल में मौलाना उमर के गिरोह की सक्रियता का खुलासा वहाँ की ही एक महिला टीचर ने किया है।

‘सत्यनारायण और भागवत कथा फालतू, हिजड़ों की तरह बजाते हैं ताली’: AAP नेता का वीडियो वायरल

AAP की गुजरात इकाई के नेता गोपाल इटालिया का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वे हिन्दू परंपराओं का अपमान करते दिख रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर: PM मोदी का ग्रासरूट डेमोक्रेसी पर जोर, जानिए राज्य का दर्जा और विधानसभा चुनाव कब

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह 'दिल्ली की दूरी' और 'दिल की दूरी' को मिटाना चाहते हैं। परिसीमन के बाद विधानसभा चुनाव उनकी प्राथमिकता में है।

₹60000 करोड़, सबसे सस्ता स्मार्टफोन, 109 शहरों में वैक्सीनेशन सेंटर: नीता अंबानी ने बताया कोरोना काल का ‘धर्म’

रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM में कई बड़ी घोषणाएँ की गई। कोविड संकट से देश को उबारने के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई गई।

मोदी ने भगा दिया वाला प्रोपेगेंडा और माल्या-चोकसी-नीरव पर कसता शिकंजा: भारत में आर्थिक पारदर्शिता का भविष्य

हमारा राजनीतिक विमर्श शोर प्रधान है। लिहाजा कई महत्वपूर्ण प्रश्न दब गए। जब इन आर्थिक भगोड़ों पर कड़ाई का नतीजा दिखने लगा है, इन पर बात होनी चाहिए।

प्रचलित ख़बरें

‘सत्यनारायण और भागवत कथा फालतू, हिजड़ों की तरह बजाते हैं ताली’: AAP नेता का वीडियो वायरल

AAP की गुजरात इकाई के नेता गोपाल इटालिया का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वे हिन्दू परंपराओं का अपमान करते दिख रहे हैं।

फतेहपुर के अंग्रेजी मीडियम स्कूल में हिंदू बच्चे पढ़ते थे नमाज: महिला टीचर ने खोली मौलाना उमर गौतम के धर्मांतरण गैंग की पोल

फतेहपुर के नूरुल हुदा इंग्लिश मीडियम स्कूल में मौलाना उमर के गिरोह की सक्रियता का खुलासा वहाँ की ही एक महिला टीचर ने किया है।

TMC के गुंडों ने किया गैंगरेप, कहा- तेरी काली माँ न*गी है, तुझे भी न*गा करेंगे, चाकू से स्तन पर हमला: पीड़ित महिलाओं की...

"उस्मान ने मेरा रेप किया। मैं उससे दया की भीख माँगती रही कि मैं तुम्हारी माँ जैसी हूँ मेरे साथ ऐसा मत करो, लेकिन मेरी चीख-पुकार उसके बहरे कानों तक नहीं पहुँची। वह मेरा बलात्कार करता रहा। उस दिन एक मुस्लिम गुंडे ने एक हिंदू महिला का सम्मान लूट लिया।"

‘हर चोर का मोदी सरनेम क्यों’: सूरत की कोर्ट में पेश हुए राहुल गाँधी, कहा- कटाक्ष किया था, अब याद नहीं

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी सूरत की एक अदालत में पेश हुए। मामला 'सारे मोदी चोर' वाले बयान पर दर्ज आपराधिक मानहानि के मामले से जुड़ा है।

‘हरा$ज*, हरा%$, चू$%’: ‘कुत्ते’ के प्रेम में मेनका गाँधी ने पशु चिकित्सक को दी गालियाँ, ऑडियो वायरल

गाँधी ने कहा, “तुम्हारा बाप क्या करता है? कोई माली है चौकीदार है क्या हैं?” डॉक्टर बताते भी हैं कि उनके पिता एक टीचर हैं। इस पर वो पूछती हैं कि तुम इस धंधे में क्यों आए पैसे कमाने के लिए।

जम्मू-कश्मीर के लोग अपने पूर्व मुख्यमंत्री को जेल में डालने के लिए धरने पर बैठे, कर रही थीं पाकिस्तान की वकालत

"महबूबा मुफ्ती से बातचीत के बजाय उन्हें तिहाड़ जेल भेजा जाना चाहिए। दिल्ली से उन्हें वापस जम्मू कश्मीर नहीं आने दिया जाना चाहिए।”
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
105,786FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe